Saraipali: सरायपाली विधानसभा महिला सशक्तिकरण का एक प्रमुख केंद्र

सरायपाली विधानसभा महिला सशक्तिकरण का एक प्रमुख केंद्र
  • पंच से लेकर विधायक तक महिलाओं की शानदार पहुंच 
  • शासकीय व प्रशासनिक सेवाओं में भी महिलाएं आगे 

दिलीप गुप्ता
सरायपाली :- सरायपाली प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण पेश कर रहा है । प्रशासनिक व जनप्रतिनिधित्व क्षेत्र में महिलाएं सबसे आगे है । सरायपाली क्षेत्र की बात करें तो पंच से लेकर विधायक तक महिलाओं ने अपना विजयी झंडा गाड़ा है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना व सोच है कि देश की आधी आबादी को उसका वाजिब अधिकार मिले । देश का कोई ऐसा क्षेत्र नही है जहां महिलाएं पुरुष से कहीं आगे हैं तो कही बराबरी पर । मेहनत , कठिन परिश्रम , टेक्नालॉजी हो या अंतरिक्ष विज्ञान सभी क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी दिखाई दे रही है ।

महिलाओं को उचित व सम्मानित प्रतिनिधित्व मिल सके इसके लिए पर्याप्त उपाय किये जा रहे हैं । आरक्षण व महिलाएं प्रथम का जुमला कारगर साबित हो रहा है । महिलाओं को उनके क्षेत्र में अच्छा अनुभव हो व स्वतंत्र होकर स्वयं अपने विवेक से निर्णय ले सके व जनप्रतिनिधित्व व प्रशासनिक कार्यो को स्वयं संभाल सके व अनुभव प्राप्त कर सकें महिलाएं आगे बढ़ सकें इसके लिए सरकारो ने अनेक निर्णय भी लिया है । महिलाओं के कार्यों में पुरुष हस्तक्षेप न कर सके इसके लिए भी आदेश व निर्देश जारी किए गए हैं । सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों का यह दायित्व है कि वे सरकार की मंशा के अनुरूप महिलाओं के सम्मान को देखते हुवे आदेश व निर्देशो का कितना पालन करते हैं । चुने हुवे महिला जनप्रतिनिधियों के पतियों व पिताजी से भी अपेक्षा की जाती है कि वे महिलाओं को स्वतंत्र होकर कार्य करने देवे । इस निर्णय से महिलाओं में निश्चित रूप से कार्य दक्षता , क्षमता व अनुभव का विकास हो सकेगा ।

सरायपाली क्षेत्र में पंच से लेकर विधायक तक कि निम्न जानकारी काफी सुखद व आश्चर्यजनक है । महिलाओं ने सर्वाधिक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पुरुषों के मुकाबले अपनी अधिक सीटो पर जीत सुनिश्चित कर एक अच्छा संदेश दिया है ।

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महिलाओं की भागीदारी पर एक नजर :-
विधायक – चातुरी नन्द
जिला पंचायत अध्यक्ष – मोंगरा पटेल
जिला पंचायत सदस्य (सरायपाली क्षेत्र 3 में 2 महिला ) मोंगरा पटेल व कुमारी भास्कर ।
जनपद अध्यक्ष – लक्ष्मी पटेल

जनपद सदस्य 25 में 19 महिलाएं जिनमे मीना , कुंती बाई , उषा पटेल , आरती पटेल , गौरीबाई पटेल , दमयंती साहू , यशोदा नायक , पूजा तिवारी , जानकी बरिहा , दिनता कुमारी , शिवानी सिदार , पद्मिनी भोई , सुमित्रा भोई , उषालाल पटेल , बालमोती भोई , कुमोदिनी भोई , राधिका नन्द व अनिता पटेल व लक्ष्मी पटेल ( अध्यक्ष निर्वाचित ) .इसी तरह सरायपाली जनपद पंचायत के अंतर्गत 107 पंचायतों में 64 महिलाएं निर्वाचित हुई तो पंच चुनाव में 1391 पंचों में सर्वाधिक 834 महिलाएं विजयी होकर निर्वाचित हुईं ।
सरायपाली नगरीय क्षेत्र में नपाध्यक्ष पद पर सरस्वती पटेल व 15 पार्षदों में 5 क्रमश सविता जायसवाल , दिव्या सेन , बलजीत आहूजा , चारुलता सिंह व मेमबाई चौहान ने सफलता अर्जित की ।

प्रशासनिक क्षेत्र में देखें तो यहां भी प्रमुख पदों में महिलाएं ही विराजित हैं । न्यायालय में श्रीमती शोभना कोष्टा (प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( स्थान्तरण हो चुका है पर वर्तमान में है ) व उनके स्थान पर श्रीमती वंदना दीपक देवांगन प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (आने वाले है) , एसडीएम -नम्रता चौबे , एसडीओपी – ललिता मेहर , तहसीलदार – मनीषा देवांगन , एसडीओपी ( लो.नि. वि.)- शिखा पटेल , शीतल सिंह (DPM – स्वास्थ्य विभाग ) इसी तरह शिक्षा विभाग व अन्य विभागों में भी महिला कर्मचारी अपनी सहभागिता निभा रही हैं । नगर व क्षेत्र में अनेक महिला संगठन भी हैं जिनका बखूबी संचालन महिलाएं कर रही हैं । इसके साथ ही महिला समूह , सामाजिक , राजनैतिक , धार्मिक संघ व संगठनों में महिलाएं बढ़ चढ़ कर अपनी सक्रियता का प्रदर्शन कर रही हैं ।

इन सब को देखते व समझते हुवे विगत 13 मार्च को जनपद पंचायत परिसर में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेश के वित्तमंत्री ओ पी चौधरी ने त्रिस्तरीय पंचायत व नगरीय क्षेत्र के चुनाव में भारी संख्या में महिलाओं की जीत व नहर के विभिन्न प्रशासनिक पदों पर महिलाओं की भागीदारी को देखते हुवे अपने उद्बोधन में कहा था कि ” देश मे महिला सशक्तीकरण के उद्देश्य को यदि पूर्ण होते किसी को देखना हो तो सरायपाली से अच्छा उदाहरण शायद कहीं नहीं मिलेगा ” ।
श्रो ओपी चौधरी काफी प्रभावित हुवे थे व सभी महिलाओं को उन्होंने सार्वजनिक तौर पर प्रशंसा करते हुवे बधाई भी दी थी ।

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