पटना। बिहार के राजनीतिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। भाजपा के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी ने बुधवार 15 अप्रैल 2026 को लोकभवन में बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन ने उन्हें शपथ दिलाई। इस शपथ ग्रहण के साथ ही सम्राट चौधरी बिहार में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं।
डिप्टी सीएम से सीएम बनने का सफर
सम्राट चौधरी उन चुनिंदा नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं जो उपमुख्यमंत्री पद से सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे हैं। बिहार के इतिहास में करीब 59 साल बाद ऐसा संयोग बना है। उनसे पहले जननायक कर्पूरी ठाकुर साल 1967 में डिप्टी सीएम रहे थे और बाद में 1977 में उन्होंने मुख्यमंत्री का पद संभाला था। सम्राट चौधरी का यह सफर प्रदेश की राजनीति में उनके बढ़ते कद और भाजपा के मजबूत होते आधार को दर्शाता है।
जदयू से पहली बार बने दो उपमुख्यमंत्री
इस नए राजनीतिक घटनाक्रम में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के खाते से भी नया रिकॉर्ड बना है। पहली बार जदयू के नेताओं ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। सम्राट चौधरी के साथ जदयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने डिप्टी सीएम के रूप में जिम्मेदारी संभाली है। फिलहाल आज केवल इन तीन प्रमुख नेताओं का ही शपथ ग्रहण संपन्न हुआ है। नई एनडीए सरकार के गठन के बाद मंत्रिमंडल में अभी 33 पद खाली हैं, जिन्हें आगामी विस्तार में भरा जाएगा।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में समारोह
लोकभवन में आयोजित इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में देश और प्रदेश के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान और हम (HAM) संरक्षक जीतन राम मांझी विशेष रूप से मौजूद रहे। निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी समारोह में शिरकत कर नए मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनी इस नई सरकार से प्रदेश में विकास और सुशासन के नए युग की उम्मीद जताई जा रही है।