मध्यप्रदेश कांग्रेस के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने इस कार्रवाई पर कड़े सवाल खड़े करते हुए इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया है। पुलिस हिरासत में लिए गए तीन कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मुकेश नायक के नेतृत्व में एमपी नगर थाने पहुंचा है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कार्यकर्ताओं को बिना किसी ठोस सबूत के 24 घंटे से ज्यादा समय तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी और फर्जी पत्र का विवाद
पूरा विवाद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित फर्जी पत्र को लेकर शुरू हुआ है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस आईटी सेल ने भ्रामक जानकारी फैलाई है जबकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह मामला राजस्थान से जुड़ा है और मध्यप्रदेश पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह गलत है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने स्पष्ट किया है कि यदि ट्वीट को लेकर कोई आपत्ति थी तो कार्रवाई राजस्थान में होनी चाहिए थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने चेतावनी दी है कि वे इस कृत्य के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।