रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, कैफे या किसी बड़े मॉल में कदम रखते ही अक्सर हमारा ध्यान वहां मिलने वाले फ्री पब्लिक वाई-फाई पर जाता है। डेटा बचाने या बेहतर स्पीड के चक्कर में हम बिना सोचे-समझे तुरंत उस नेटवर्क से कनेक्ट भी हो जाते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो सावधान हो जाइए। यह मुफ्त का इंटरनेट आपकी जेब पर बहुत भारी पड़ सकता है और आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपके बैंक खाते को पूरी तरह खाली कर सकती है।
क्यों हैकर्स के लिए ‘सॉफ्ट टारगेट’ है पब्लिक वाई-फाई?
सार्वजनिक जगहों पर मिलने वाले फ्री वाई-फाई नेटवर्क आमतौर पर सुरक्षा के मामले में बेहद कमजोर होते हैं। ये नेटवर्क आम जनता के लिए खुले होते हैं, जिसका फायदा साइबर अपराधी आसानी से उठाते हैं। हैकर्स उसी नेटवर्क पर सेंध लगाकर बैठ जाते हैं और आपसे जुड़ी हर इंटरनेट एक्टिविटी पर नजर रखते हैं।
इतना ही नहीं, कई बार तो जालसाज किसी नामी जगह के नाम से मिलता-जुलता नकली वाई-फाई नेटवर्क (हनीपॉट) भी बना देते हैं। जैसे ही कोई यूजर इस झांसे में आकर कनेक्ट होता है, उसका पूरा कंट्रोल हैकर्स के पास चला जाता है।
बैंकिंग और पर्सनल डेटा पर मंडराता है सबसे बड़ा खतरा
जब आप किसी असुरक्षित पब्लिक वाई-फाई पर होते हैं, तो भूलकर भी ऑनलाइन बैंकिंग, गूगल पे-फोन पे जैसे डिजिटल पेमेंट्स या किसी भी जरूरी अकाउंट में लॉगिन न करें। इस दौरान हैकर्स आपके द्वारा भेजी जा रही जानकारियों को बीच में ही इंटरसेप्ट (चोरी) कर लेते हैं। इससे आपके पासवर्ड, क्रेडिट-डेबिट कार्ड की डिटेल्स और नेट बैंकिंग का एक्सेस गलत हाथों में चला जाता है। सबसे खतरनाक बात यह है कि यूजर को तुरंत इसका पता भी नहीं चलता और बाद में सीधे भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ता है।
फ्री वाई-फाई इस्तेमाल करते वक्त इन बातों का रखें खास ख्याल:
अगर आपातकालीन स्थिति में आपको फ्री वाई-फाई का इस्तेमाल करना ही पड़ रहा है, तो कुछ बुनियादी सुरक्षा नियमों को कभी न भूलें:
आधिकारिक नेटवर्क ही चुनें: किसी भी वाई-फाई से जुड़ने से पहले वहां के स्टाफ या अधिकारियों से नेटवर्क के सही नाम की पुष्टि जरूर कर लें।
संवेदनशील कामों से बचें: पब्लिक वाई-फाई पर कभी भी बैंक ट्रांजेक्शन या सोशल मीडिया अकाउंट लॉगिन न करें। ऐसे जरूरी कामों के लिए हमेशा अपने मोबाइल डेटा का ही इस्तेमाल करें।
HTTPS का रखें ध्यान: इंटरनेट ब्राउज़ करते समय केवल उन्हीं वेबसाइट्स को खोलें जिनके यूआरएल की शुरुआत में ‘https://’ लिखा हो, क्योंकि ये सिक्योर होती हैं।
सुरक्षा फीचर्स रखें ऑन: अपने सभी अकाउंट्स पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) हमेशा एक्टिव रखें और डिवाइस का सॉफ्टवेयर हमेशा अपडेटेड रखें।
मुफ्त इंटरनेट की सुविधा बेशक सफर के दौरान या काम के वक्त बेहद मददगार साबित होती है, लेकिन सुविधा के चक्कर में अपनी सुरक्षा को ताक पर रखना भारी पड़ सकता है। थोड़ी सी सतर्कता और समझदारी आपको बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार होने से बचा सकती है।