दिल्ली के जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और टॉलस्टॉय मार्ग पर बुधवार रात हालात अचानक बेकाबू हो गए। रात करीब 8.30 बजे प्रदर्शनकारियों के बीच छिपे कुछ उपद्रवियों ने सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों पर अचानक हमला बोल दिया। भीड़ की तरफ से पुलिस पर जमकर पथराव किया गया और कांच की बोतलें फेंकी गईं। इस झड़प में कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
हिंसा की यह घटना इतनी अचानक हुई कि पुलिस को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा। बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। कुछ जगहों पर उपद्रवियों द्वारा तलवार और खतरनाक हथियार लहराए जाने की भी खबरें सामने आई हैं। सुरक्षा बलों ने तुरंत इलाके को घेर लिया, जिसके बाद उपद्रवी वहां से भाग निकले। इस भारी हंगामे के कारण मध्य दिल्ली के कई इलाकों में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इंटरनेट बंद होने के बावजूद इन इलाकों में मोबाइल संदेशों का आदान-प्रदान बहुत तेजी से हो रहा था, जिससे किसी गहरी साजिश की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या भीड़ को नियंत्रित तरीके से उकसाया गया था। फिलहाल मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों को तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े।