पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य से जुड़े मामले में हाई कोर्ट की तरफ से एक बहुत बड़ा फैसला सामने आया है. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आदेश दिया है कि सोनम वांगचुक को अब तुरंत मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया जाए.
अदालत ने मेदांता अस्पताल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनके इलाज के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों का एक विशेष पैनल तैयार किया जाए. सोनम वांगचुक की अब तक की सभी मेडिकल रिपोर्ट भी इसी डॉक्टरों के पैनल को सौंपी जाएंगी ताकि उनका सही तरीके से इलाज हो सके. इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायाधीश तेजस कारिया की पीठ ने की.
अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा है कि इस पूरे मामले पर अंतिम और विस्तृत आदेश दोपहर के भोजन के बाद सुनाया जाएगा. कोर्ट रूम में सुनवाई के समय सरकार और सोनम वांगचुक के पक्ष के बीच इस बात पर भी काफी देर तक चर्चा हुई कि उनकी सेहत की निगरानी कहाँ और किस तरह से की जानी चाहिए.
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने हाई कोर्ट को जानकारी दी कि सरकार को सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराने पर कोई भी आपत्ति नहीं है. हालांकि सरकार ने इसके साथ एक मुख्य शर्त भी रखी है. सरकार का कहना है कि सोनम वांगचुक को डॉक्टरों की सलाह के खिलाफ जाकर अस्पताल से अपनी मर्जी से छुट्टी नहीं लेनी चाहिए. अब इस मामले में अदालत के अगले कदम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.