कोलकाता में आयोजित वार्षिक शहीद दिवस रैली के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों से पुरानी बातों को भुलाकर एकजुट होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला करने के लिए सभी को साथ मिलकर आगे आना चाहिए और उनके मन में किसी भी प्रकार का कोई अहंकार नहीं है.
रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने पार्टी से बगावत करने वाले नेताओं पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिन लोगों ने टीएमसी का साथ छोड़ा है, वे गद्दार हैं और उनके लिए पार्टी के दरवाजे हमेशा के लिए बंद कर दिए गए हैं. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं वे सीधे तौर पर चुनाव लड़कर देख लें.
ममता बनर्जी ने कहा कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की वजह से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है, क्योंकि उनकी जगह लेने के लिए युवा कार्यकर्ता और छात्र हमेशा तैयार हैं. उन्होंने बागी नेताओं पर विरोधी पार्टी के इशारे पर काम करने का गंभीर आरोप लगाया.

आपको बता दें कि इस रैली के दौरान पार्टी के भीतर चल रही खींचतान भी खुलकर सामने आ गई. एक तरफ जहां ममता बनर्जी का गुट मुख्य कार्यक्रम में था, वहीं दूसरी तरफ बागी नेताओं के गुट ने भी अलग से एक सभा का आयोजन किया. ममता बनर्जी ने इन बगावती तेवरों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वह जल्द ही राज्य के सभी जिलों का दौरा करेंगी और जनता के बीच जाएंगी. टीएमसी वर्तमान में अपने इतिहास के सबसे बड़े संगठनात्मक संकट से गुजर रही है, क्योंकि कई वरिष्ठ नेता और सांसद पार्टी से दूरी बना चुके हैं.