ब्रिटिश राजशाही के सबसे चर्चित और विवादित रत्न कोहिनूर को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग तेज हो गई है। न्यूयॉर्क शहर के भारतीय मूल के मेयर जोहरान ममदानी ने सार्वजनिक रूप से ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय को कोहिनूर हीरा भारत को वापस करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही है। 9/11 आतंकी हमलों की बरसी पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ममदानी ने स्पष्ट किया कि यदि उन्हें किंग से निजी तौर पर संवाद का अवसर मिले तो उनका सबसे पहला सुझाव ऐतिहासिक लूट के इस प्रतीक को उसके असली हकदार को सौंपने का होगा। कोहिनूर वर्तमान में ब्रिटिश क्राउन ज्वेल्स का हिस्सा है और इसे लंदन के टावर में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है जिसकी वापसी के लिए भारत सरकार दशकों से कूटनीतिक प्रयास कर रही है।
इतिहास की सबसे बड़ी लूट पर घमासान: हाथ मिलाने के बाद भी बकिंघम पैलेस ने साधी चुप्पी, सदियों पुराना विवाद फिर गरमाया
न्यूयॉर्क के मेयर और किंग चार्ल्स के बीच हुई औपचारिक मुलाकात ने वैश्विक मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है हालांकि बकिंघम पैलेस ने इस संवेदनशील मुद्दे पर टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया है। 105.6 कैरेट का यह बेशकीमती हीरा साल 1849 में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा पंजाब पर कब्जे के बाद महाराजा दलीप सिंह से जबरन लिया गया था और बाद में महारानी विक्टोरिया को भेंट कर दिया गया था। भारत 1947 में मिली आजादी के बाद से ही इसे अपनी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग बताते हुए निरंतर वापसी का दबाव बना रहा है। मेयर ममदानी के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि कोहिनूर की वापसी का मुद्दा केवल राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं है बल्कि वैश्विक मंचों पर भी यह ब्रिटिश उपनिवेशवाद के अन्याय को याद दिलाने वाला एक सशक्त हथियार बन चुका है।
