भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में क्राइम ब्रांच ने एक हाईप्रोफाइल लूटकांड का पर्दाफाश करते हुए आईएएस एकेडमी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन से हुई 1.89 करोड़ रुपए की संगठित लूट के छह आरोपियों को दबोच लिया है। इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड एकेडमी का पूर्व छात्र प्रियांक शर्मा निकला जिसने सेमिनार और नया सेंटर खोलने का लालच देकर पीड़िता को दिल्ली से भोपाल बुलाया था।

आरोपियों ने हथियारों के दम पर डायरेक्टर को दो दिनों तक एक फ्लैट में बंधक बनाकर रखा और डरा-धमकाकर करोड़ों की रकम अपनी फर्जी सोसायटियों के खातों में ट्रांसफर करवा ली। क्राइम ब्रांच ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपियों के बैंक खातों में जमा पूरी राशि को फ्रीज कर दिया है जिसे वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है।
सुंदरकांड की आड़ में वारदात और गिरफ्तारी का ड्रामा
वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने बेहद शातिर तरीका अपनाया और दतिया व रीवा से पेशेवर बदमाश बुलाए थे। आरोपियों ने बागसेवनिया में एक किराए का फ्लैट लिया और वहां चीख-पुकार दबाने के लिए सुंदरकांड का पाठ आयोजित कराया ताकि किसी को शक न हो। पीड़िता को डराने के लिए खुद के साथी के अपहरण का झूठा वीडियो भी बनाया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए मुख्य आरोपी प्रियांक शर्मा एम्स के आईसीयू में भर्ती हो गया था लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में प्रियांक शर्मा के अलावा उसके अन्य साथी भी शामिल हैं जिन्होंने लूट की रकम जनकशिला और आरएस इंटरप्राइजेस के खातों में डलवाई थी।