बंगाल चुनाव: स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा पर मचा सियासी घमासान, जानें क्या है चुनाव आयोग का सुरक्षा प्रोटोकॉल

कोलकाता।

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के बाद स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर टीएमसी और बीजेपी के बीच विवाद गहरा गया है। राज्य की 142 सीटों पर वोटिंग पूरी होने के बाद ईवीएम और पोस्टल बैलेट बॉक्स को सुरक्षित केंद्रों में रखा गया है। टीएमसी नेताओं ने प्रशासन पर धांधली का आरोप लगाते हुए मशीनों की सुरक्षा पर संदेह जताया है, जबकि बीजेपी ने इसे हार के डर से की जा रही बहानेबाजी करार दिया है। स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

स्ट्रॉन्ग रूम चुनाव आयोग का वह सुरक्षित स्थान होता है जहां मतदान के बाद ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों को मतगणना होने तक कड़ी सुरक्षा में रखा जाता है। इसकी सुरक्षा के लिए बेहद कड़े नियम बनाए गए हैं। आयोग के निर्देशानुसार स्ट्रॉन्ग रूम में प्रवेश के लिए केवल एक दरवाजा होता है और अन्य सभी खिड़कियों को सील कर दिया जाता है। इस कमरे में डबल लॉक सिस्टम होता है जिसकी चाबियां अलग-अलग अधिकारियों के पास रहती हैं। सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस की त्रि-स्तरीय तैनाती की जाती है। साथ ही सीसीटीवी के जरिए 24 घंटे निगरानी होती है जिसकी लाइव फुटेज उम्मीदवारों के प्रतिनिधि भी देख सकते हैं।

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