युद्ध की आग, ऊर्जा का संकट और हिलती वैश्विक अर्थव्यवस्था

-सुभाष मिश्र19 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में आई 22 महीनों की सबसे बड़ी गिरावट केवल एक वित्तीय घटना नहीं ह...

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धर्म, डर और विधेयक: छत्तीसगढ़ में कानून से ज्यादा संदेश क्यों हो गया है जरूरी

-सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ की विधानसभा में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक एक बार फिर पेश होने जा रहा है। पहली नजर में यह एक...

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पांच राज्यों के चुनाव: किसकी शह, किसकी मात?

-सुभाष मिश्रदेश में एक बार फिर लोकतांत्रिक उत्सव की शुरुआत हो गई है। इलेक्शन कमीशन आफ इंडिया ने पश्चिम बंगाल, अ...

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नई किस्म का फसल चक्र परिवर्तन

-सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से लगातार छत्तीसगढ़ जिसे धान का कटोरा कहा जाता है ,वहां पर फसल चक्र परि...

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आधी आबादी की मेहनत: क्या सचमुच सशक्तिकरण की ओर बढ़ रहे हैं कदम?

-सुभाष मिश्रअभी हाल ही में हमने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर काफी बात...

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सडक़ें चौड़ी, सोच संकरी

सडक़ें चौड़ी, सोच संकरी

-सुभाष मिश्रशहरों में बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने के लिए सरकारें लगातार नई सडक़ें बना रही हैं, पुराने मार्गों का चौड़ीकरण कर रही हैं और फ्लाईओवर तथा ओवरब्...

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त्योहारों के बदलते स्वरूप

-सुभाष मिश्रअभी होली का त्योहार बीता है और कई जगहों पर रंग पंचमी भी मनाई जा रही है, लेकिन जो लोग लंबे समय से इस...

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ईरान-इजरायल युद्ध और विश्व व्यवस्था की परीक्षा

-सुभाष मिश्रमिडिल ईस्ट एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठा है और इस बार स्थिति सामान्य सीमा से कहीं आगे निकलती दिखा...

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यह जो पब्लिक है सब जानती है

-सुभाष मिश्रकक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक से न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े अध्याय को हटाने का निर...

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नाम बदलने और छोटे का चलन

-सुभाष मिश्रकेरल का नाम बदलकर केरलम हो गया। इलाहाबाद अब प्रयागराज है। बम्बई अब मुम्बई है। जेनजी के लिए रायपुर क...

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