BMC Election Live

BMC Election Live : मुंबई सहित महाराष्ट्र के 29 महानगरों में मतदान जारी, 70 हजार करोड़ वाली बीएमसी के लिए कांटे की टक्कर

मुंबई: महाराष्ट्र में आज लोकतंत्र का बड़ा उत्सव मनाया जा रहा है। राज्य की 29 महानगरपालिकाओं की कुल 2869 सीटों के लिए गुरुवार सुबह 7:30 बजे से मतदान शुरू हो गय...

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यूरोपीय संघ–भारत मुक्त व्यापार समझौता: वैश्विक व्यापार की बदलती धुरी

यूरोपीय संघ–भारत मुक्त व्यापार समझौता: वैश्विक व्यापार की बदलती धुरी

प्रभात दत्त झावैश्विक व्यापार जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें मुक्त व्यापार समझौते केवल आर्थिक लाभ के दस्तावेज़ नहीं रह गए हैं, बल्कि वे भू-राजनीतिक प्राथमिकताओ...

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क्या भ्रष्टाचार पर अंकुश संभव है?

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से: क्या भ्रष्टाचार पर अंकुश संभव है?

-सुभाष मिश्रभारत में भ्रष्टाचार अब केवल नैतिक पतन या व्यक्तिगत लालच का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह एक संस्थागत संकट का रूप ले चुका है। सुप्रीम कोर्ट का भ्र...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से: अश्लीलता का कारोबार- किसी की मजबूरी, किसी का मनोरंजन

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से: अश्लीलता का कारोबार- किसी की मजबूरी, किसी का मनोरंजन

समाज में धीरे-धीरे अश्लीलता की स्वीकारिता बढ़ती जा रही है। एक ओर जब हिजाब की बात हो रही हो, लड़कियों के पहनावे, जीवनशैली पर सवाल उठ रहे हैं, वही दूसरी तरह स्ट...

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नई जनरेशन की नई चाहत-ना शादी, ना बच्चा

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से: नई जनरेशन की नई चाहत-ना शादी, ना बच्चा

-सुभाष मिश्रनई जनरेशन की शादी की कोई जल्दी नहीं है। यदि शादी हो भी जाए, तो बच्चा जल्दी नहीं चाहिए। देश में पहले नारा था— दो या तीन बस, फिर समय के साथ नारा बदल...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – लालच के आगे हारता विवेक

-सुभाष मिश्रभारतेंदु हरिश्चंद्र ने अंधेर नगरी के गीत में बहुत पहले जिस वाक्य को लगभग चेतावनी की तरह रखा था 'लोभ पाप का मूल है। आज वही वाक्य हमारे समय की सबसे ...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – धान के गोदामों में चूहे और तंत्र का सच

-सुभाष मिश्रकई बार मन में यह ख्याल आता है कि यदि चूहे नहीं होते, दीमक नहीं होती, सरकारी दफ्तरों में दैवीय प्रको...

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मनरेगा पर नया प्रयोग: ग्रामीण रोजग़ार, नीति और राजनीति

मनरेगा पर नया प्रयोग: ग्रामीण रोजग़ार, नीति और राजनीति

दिसंबर 2025 में संसद द्वारा वीबी-जी-राम-जी अधिनियम का पारित होना केवल एक नई ग्रामीण योजना की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह भारत की सामाजिक नीति, संघीय ढांचे और राज...

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दूषित पानी नहीं, दूषित तंत्रसबसे स्वच्छ शहर इंदौर से उठता असहज सवाल

-सुभाष मिश्रइंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर। लगातार वर्षों से स्वच्छता रैंकिंग में प्रथम। जिसे मॉडल कहा गया, जिसे ब्रांड बनाया गया, जिसे शासन-प्रशासन की सफलता का...

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क्रिकेट के बहाने बंगाल में ‘नया खेला’ शाहरुख़ ख़ान, राष्ट्रवाद और चुनावी उन्माद

-सुभाष मिश्रभारत में जब भी चुनाव नज़दीक आते हैं, तब राजनीति अपने सबसे आसान औज़ार निकाल लेती है धर्म, राष्ट्रवाद...

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