विस अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज की जनधारा के पुस्तकों की सराहना की

साहित्यिक और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की अनुपम कृतिडॉक्टर रमन सिंह ने प्रधान संपादक सुभाष मिश्रा को आज की जनधारा बिलासपुर संस्करण के पांचवी वर्...

Continue reading

बी.के.एस.रे की सहजता और सृजनशीलता की सबने की मुक्त कंठ से तारीफ की

पूर्व और वर्तमान आईएएस अधिकारियों ने श्री रे को दी श्रद्धांजलि

Continue reading

बस्तर का अगला अध्याय, बंदूक के बाद विकास की चुनौती

-सुभाष मिश्रबस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद, हिंसा और सुरक्षा...

Continue reading

अबूझमाड़ अब अबूझ नहीं रहा

-सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में स्थित अबूझमाड़ वर्षों तक देश के सबसे दुर्गम, रहस्यमय और प्रशासनिक पहुंच...

Continue reading

अधिकारी और नेताओं के द्वंद में जनमुद्दे गुम

-सुभाष मिश्रलोकतांत्रिक व्यवस्था को सुचारू और सुगम तरीके से चलाने के लिए विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि एक सेतु...

Continue reading

किताब समीक्षा- दो कतार पीछे: विडंबनाओं का घमासान

जयप्रकाश मानस का लघु कथाओं का संग्रह दो कतार पीछे हमारे समय की विडंबनाओं की ऐसी दास्तान है जो हमारे समय के सच का साक्षात्कार करती है। जयप्रकाश मानस मूलत: कवि ...

Continue reading

स्याही से स्क्रीन तक की पत्रकारिता की यात्रा

-सुभाष मिश्रहिन्दी पत्रकारिता के दो सौ साल पूरे होने पर

Continue reading

साहित्य, चिंतन और सृजन का संगम, 75वें वर्ष पर सम्मानित हुए बलराम जी

भारतीय ज्ञान परंपरा पर मंथन, साहित्यकारों की कृतियों का भव्य विमोचन

Continue reading