मानसून सत्र : सवालों की बारिश, जवाबों की परीक्षा

-सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र ऐसे समय शुरू हुआ है, जब राज्य की राजनीति कई महत्वपूर्ण मुद्दों के मोड़ पर खड़ी है। एक ओर सरकार अपनी विकास योजनाओ...

Continue reading

बेहतर स्वास्थ्य, बेहतर छत्तीसगढ़

बेहतर स्वास्थ्य, बेहतर छत्तीसगढ़

-सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ राज्य जब वर्ष 2000 में अस्तित्व में आया था, तब यह केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं था, बल्कि एक नए विकास मॉडल की शुरुआत थी। छोटे राज्यों के ...

Continue reading

आस्था की थाली में मिलावट का कलंक

-सुभाष मिश्रदेश अभी राम जन्मभूमि निर्माण के लिए हुए चंदे से जुड़े विवादों की चर्चा से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया...

Continue reading

राजपाट – प्रफुल्ल पारे

रिमांड पर रामगोपाललगभग तीन साल से फरार चल रहे कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने आखिरकार ईओडब्ल्यू के सामने समर्पण कर दिया। प्रदेश में भूपेश बघेल की स...

Continue reading

चोरी : क्या यह हमारे सिस्टम का चरित्र बनती जा रही है?

चोरी : क्या यह हमारे सिस्टम का चरित्र बनती जा रही है?

-सुभाष मिश्र‘चोरी’ कभी अपराध मानी जाती थी, फिर वह आदत बनी, और अब ऐसा लगता है कि वह व्यवस्था का एक स्वीकृत व्यवहार बनती जा रही है। विडंबना यह है कि जिस दौर में...

Continue reading

जब तंबूरा मौन हुआ : क्या हमारी लोक स्मृतियां भी मौन हो जाएंगी?

-सुभाष मिश्रकिसी सभ्यता की पहचान केवल उसके स्मारकों से नहीं होती, बल्कि उन आवाज़ों से होती है जो उसकी लोक स्मृत...

Continue reading

नकटी में कटती शासन की नाक

-सुभाष मिश्रविकास की हर बड़ी परियोजना अपने साथ एक कठिन प्रश्न लेकर आती है—क्या विकास लोगों को साथ लेकर होगा या ...

Continue reading

क्या अब शिक्षा भी सिर्फ विजेताओं के लिए रह गई है?

सुभाष मिश्रशिक्षा का उद्देश्य केवल मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि हर बच्चे के भीतर छिपी संभावना...

Continue reading

गुंडागर्दी में लड़कियों की एंट्री

(नया स्टेटस सिम्बल)-सुभाष मिश्रपहली बार में यह शीर्षक आपको चौंका...

Continue reading

जीवन का सफर और अंतिम पड़ाव का अकेलापन

-सुभाष मिश्रकभी भारतीय समाज में विवाह को केवल सामाजिक संस्था नहीं, बल्कि जीवन भर का साथ माना जाता था। पति या पत्नी के चले जाने के बाद शेष जीवन यादों के सहारे ...

Continue reading