10
Nov
Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से वंदे मातरम के जरिए राष्ट्रीय एकता और अखंडता की कोशिश
-सुभाष मिश्रदेश की स्वतंत्रता के आंदोलन में जब संघर्ष चरम पर था, तब जो स्वर सबसे बुलंद होकर उभरा था, वह था वंदे...
09
Nov
Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से- कर्मचारी की दिवाली, सरकार की गारंटी और जनता की अपेक्षा
-सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ में इस बार दीपावली सिर्फ रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि कर्मचारियों की रणनीति तय करने का भी अव...
08
Nov
Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – हर वह धरती, जहां से जीवन और संवेदना फूटती है
-सुभाष मिश्रजैसे-जैसे महिलाएं आर्थिक रूप से सक्षम, शिक्षित और आत्मनिर्भर होती जा रही हैं, वैसे-वैसे उनका सामाजि...
07
Nov
Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से -छत्तीसगढ़ महतारी सबकी है – अस्मिता को नफरत का औज़ार न बनाएं
-सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ इन दिनों अस्मिता की एक नई बहस में उलझा हुआ है। छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को क्षतिग्रस्त ...
06
Nov
हरियाणा के बहाने बिहार पर निशाना : चुनावी पारदर्शिता और लोकतंत्र के भरोसे की जांच
-सुभाष मिश्रहरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणाम ने देश की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दिया है। क्या भारत में चुन...
05
Nov
Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – चुनाव की नब्ज़ टीआरपी और सट्टे में नहीं, मतदाता के मन में है
बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी चरम पर है। गांव की चौपाल से लेकर शहरों की कॉफी टेबल तक, हर जगह यही चर्चा है इस बार सत्ता किसके हाथ आएगी? 6 और 11 नवंबर को पडऩे...