• No categories
  • No categories
Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से - हंगामेदार होगा संसद का मानसून सत्र

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – हंगामेदार होगा संसद का मानसून सत्र

-सुभाष मिश्रभारतीय संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई 2025 से शुरू हो रहा है। 2025 का यह सत्र विशेष रूप से महत्वपूर्ण...

Continue reading

पाकिस्तान में मानसून ने मचाया कहर, बाढ़- भूस्खलन की वजह से 200 से अधिक लोगों की मौत

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में मानसून की बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है. नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए) के अनुसार, अब तक 202 लोगों की जान जा चुकी है, जिन...

Continue reading

पश्चिमी जर्मनी के एक मेले में आतिशबाजी बनी आफत, हादसे में 19 लोग झुलसे

बर्लिन: जर्मनी के पश्चिमी शहर डसेलडोर्फ में आयोजित एक मेले में आतिशबाजी उस वक्त आफत में बदल गई, जब इसकी चपेट में आने से 19 लोग झुलस गए। घायलों ...

Continue reading

शराब घोटाले की अनुगूंज, सदन से सड़क तक

छत्तीसगढ़ की राजनीति में धान से घोटालों तक का सफर-सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ की राजनीति पारंपरि...

Continue reading

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से- क्या हाऊसिंग बोर्ड को बंद कर देना चाहिए ?

-सुभाष मिश्रआम आदमी को सस्ती, सुलभ और सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए...

Continue reading

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से -फेक बाबा संस्कृति : भारतीय धार्मिक आस्था का दोहन

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से -फेक बाबा संस्कृति : भारतीय धार्मिक आस्था का दोहन

-सुभाष मिश्रव्यक्ति की धार्मिक आस्था का आर्थिक, दैहिक और भावनात्मक शोषण का इतिहास भारत में बहुत पुराना है। ज्या...

Continue reading

Editor-in-chief सुभाष मिश्र

Editor-in-chief सुभाष मिश्र की कलम से – कांवड़ यात्रा पर राजनीति और सियासत

-सुभाष मिश्र2025 की कांवड़ यात्रा से पहले ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों द्वारा जारी दिशानिर्देशों ने विव...

Continue reading

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से - अंधविश्वास और जिज्ञासाओं के बीच, शुभांशु की अंतरिक्ष यात्रा के मायने

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – अंधविश्वास और जिज्ञासाओं के बीच, शुभांशु की अंतरिक्ष यात्रा के मायने

-सुभाष मिश्रहमारे अंतरिक्ष, ब्रह्मांड को लेकर बहुत सी जिज्ञासाएँ हैं, बहुत सी मिथक कथाएं और धार्मिक कर्मकांड है...

Continue reading

सूत्र और मूत्र की पॉलिटिक्स

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से-सूत्र और मूत्र की पॉलिटिक्स

पत्रकारिता की दुनिया में ‘सूत्र’ (सोर्स) एक ऐसा शब्द है जो विश्वसनीयता और गोपनीयता का प्रतीक माना जाता है। अच्छे पत्रकार अपने सूत्रों का खुलासा नहीं करते, क्य...

Continue reading