भारत में लोकतंत्र की नींव न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर आधारित है, जो सत्ता, धर्म, राजनीति और समाज के बीच संतुलन बनाए रखती है। जब इस स्वतंत्रता पर हमला होता है...
उर्मिला आचार्यपत्थर से बने छत् छाजन बाड़ी खाड़ी— मिट्टी और घास का उपयोग—- दूर-दूर बसे घर और उनमें से एक घर चिंगड़ी का भी —-!। हुंगापारा मारडूम बस्तर में हमने ...
फिल्म की शुरुआत में एक वकील नहीं, एक कवि बैठा दिखता है। उसकी मेज़ पर गजानन माधव मुक्तिबोध की तस्वीर रखी है—वही मुक्तिबोध जो कहा करते थे, कहीं कोई तो होगा, जो ...