बिलासपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। इस बार मामला एनओसी जारी करने के बदले अवैध वसूली और आवेदक के साथ अभद्र व्यवहार का है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे नए वीडियो ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित महिला आवेदक और उसके बेटे को महीनों तक दफ्तर के चक्कर लगवाने का आरोप है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आवेदक मैडम से गाली न देने की गुहार लगा रही है जबकि अधिकारी का रवैया बेहद आक्रामक है। 17 मार्च 2025 से लंबित इस आवेदन पर आदेश होने के बावजूद फाइल को जानबूझकर दबाकर रखा गया था।
सुशासन पर सवाल: कमिश्नर की सख्त कार्रवाई से विभाग में हड़कंप, आरोपी अधिकारियों पर गिरी गाज
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर अवनीश शरण ने कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है। विवादित अधिकारी पूनम बंजारे को तत्काल प्रभाव से नवा रायपुर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। इसके साथ ही कार्यपालन अभियंता एलपी बंजारे को भी मुख्यधारा के कार्यों से हटाकर साइडलाइन किया गया है। प्रशासन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जनता के कार्यों में बाधा डालने वाले और अनुचित मांग करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। बादाम कांड के इस नए अध्याय ने सरकारी दफ्तरों में व्याप्त लालफीताशाही की कलई खोलकर रख दी है।
