भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा पुणे में आयोजित चिंतन शिविर में छत्तीसगढ़ ने अपनी उत्कृष्टता का लोहा मनवाया है। योजना के बेहतर क्रियान्वयन और प्रभावी संचालन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। राज्य को बेस्ट परफार्मिंग लार्ज स्टेट के रूप में हाई ट्रिगर एफिकेसी और संदिग्ध दावों के समयबद्ध निपटान के लिए चुना गया है। छत्तीसगढ़ ने संदिग्ध क्लेम की पहचान और उनके विश्लेषण में शानदार दक्षता दिखाते हुए अपनी आईटी आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली को मजबूत साबित किया है।
पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए राज्य ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर दावों की जांच और निष्पादन सुनिश्चित किया है। ट्रिगर आधारित निगरानी प्रणाली और अस्पतालों के साथ बेहतर तालमेल के चलते संदिग्ध मामलों के निराकरण में बड़ा सुधार हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे स्वास्थ्य विभाग की टीम की कड़ी मेहनत का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक निशुल्क और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के संकल्प पर अडिग है। यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ के मजबूत स्वास्थ्य तंत्र और सुधार की दिशा में निरंतर प्रयासों का प्रतीक है।
