नई दिल्ली। बॉलीवुड के ‘सुल्तान’ सलमान खान (Salman Khan) इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्मों से ज्यादा एक नए कानूनी विवाद को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। सलमान खान ने अपनी कलाई पर पहने जाने वाले मशहूर फिरोजी ब्रेसलेट और राइफल वाले पोस्टर से उपजे विवाद के बाद अपकमिंग फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ (Blackbuck: The Battle for Legacy) की रिलीज पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अभिनेता की इस अर्जी पर तत्काल सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म के निर्माताओं को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट इस हाईप्रोफाइल मामले पर अगली सुनवाई 19 जून 2026 को करेगा।

छवि खराब करने और अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन जोड़ने का आरोप
जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की पीठ के समक्ष हुई सुनवाई में सलमान खान की कानूनी टीम ने दलील दी कि यह फिल्म अभिनेता की अनुमति (Personality Rights) के बिना बनाई जा रही है। याचिका में साफ कहा गया है कि फिल्म में बिना किसी सुबूत के अभिनेता के अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन होने के मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं। सलमान खान के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि चूंकि 1998 का मुख्य ब्लैकबक शिकार मामला अभी भी राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित (Sub-Judice) है, इसलिए इस विषय पर आधारित कोई भी फिल्म न्यायिक प्रक्रिया और फैसले को प्रभावित कर सकती है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे ‘अर्जेंट बेसिस’ पर सुनने का फैसला किया है।
पोस्टर में दिखा सलमान खान का ‘फिरोजी ब्रेसलेट’
इस पूरे विवाद की चिंगारी मई 2026 में तब भड़की, जब मेकर्स ने सोशल मीडिया पर फिल्म का पहला आधिकारिक पोस्टर रिलीज किया। पोस्टर में मुख्य अभिनेता का लुक हूबहू सलमान खान से मिलता-जुलता नजर आया। हद तो तब हो गई जब लोगों ने देखा कि पोस्टर में दिख रहे शख्स के हाथ में एक शिकार करने वाली राइफल है और कलाई पर ठीक वैसा ही फिरोजी रंग का ब्रेसलेट (Katrina’s Turquoise Bracelet Visual) चमक रहा है, जैसा सलमान खान सालों से पहनते आ रहे हैं। इस पोस्टर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर कयास लगाए जाने लगे कि फिल्म पूरी तरह से सलमान खान की जिंदगी और विवादों पर आधारित है। मेकर्स ने आगामी 20 जून को फिल्म का पहला टीजर रिलीज करने का एलान किया था, जिस पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
कोर्ट जाने से पहले भेजा गया था लीगल नोटिस
सलमान खान की लीगल टीम ने अदालत का रुख करने से पहले फिल्म के निर्माताओं को एक कड़ा कानूनी नोटिस भी भेजा था। नोटिस में साफ तौर पर चेतावनी दी गई थी कि बिना परमिशन सुपरस्टार की छवि और उनके जीवन की संवेदनशील घटनाओं को पर्दे पर दिखाकर उनकी ग्लोबल इमेज को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। जब मेकर्स की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तब भाईजान की टीम ने दिल्ली हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिट पिटीशन दायर कर दी।
क्या है 1998 का काला हिरण शिकार मामला?
यह पूरा विवाद अक्टूबर 1998 के उस चर्चित घटनाक्रम से जुड़ा है, जब सलमान खान अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के लिए राजस्थान के जोधपुर पहुंचे थे। आरोप है कि शूटिंग के दौरान उन्होंने कनकनी गांव के जंगलों में काले हिरणों का शिकार किया था। राजस्थान का बिश्नोई समाज (Bishnoi Community) काले हिरणों को भगवान की तरह पूजता है, इसलिए समाज के विरोध के बाद यह मामला पुलिस और अदालत तक पहुंचा। इस केस में सैफ अली खान, तब्बू, नीलम और सोनाली बेंद्रे भी सह-आरोपी थे, जिन्हें बाद में बरी कर दिया गया। साल 2018 में जोधपुर की निचली अदालत ने सलमान खान को दोषी करार देते हुए 5 साल की जेल की सजा सुनाई थी। फिलहाल सलमान जमानत पर बाहर हैं और उनकी अपील याचिका पर राजस्थान हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है।