वन विभाग में बड़ा उलटफेर, जानिए पर्दे के पीछे की कहानी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वरिष्ठ स्तर पर व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के कई अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। जारी आदेश के अनुसार विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों, निगमों और टाइगर रिजर्व में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का कहना है कि यह बदलाव प्रशासनिक आवश्यकताओं और विभागीय कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
नई पदस्थापना के तहत वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी संजीता गुप्ता को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ का प्रभारी प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है। वहीं वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अमरनाथ प्रसाद को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

आदेश के मुताबिक एस. वेंकटाचलम को गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व से स्थानांतरित कर प्रतिनियुक्ति पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ का कार्यकारी संचालक बनाया गया है। दूसरी ओर, अभिषेक कुमार सिंह को प्रतिनियुक्ति से वापस बुलाकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय में वन संरक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है।


वन्यजीव संरक्षण से जुड़े अहम पदों पर भी बदलाव किए गए हैं। गुरुनाथन एन. को उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का क्षेत्र संचालक बनाया गया है, जबकि विशेष सचिव प्रणय मिश्रा को गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व का प्रभारी मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक नियुक्त किया गया है। उनके पास मुख्य वन संरक्षक (प्रोजेक्ट एलीफैंट) का अतिरिक्त दायित्व भी रहेगा। वहीं रमेश कुमार जांगड़े को प्रतिनियुक्ति पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में प्रभारी क्षेत्रीय महाप्रबंधक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार संजीता गुप्ता, अमरनाथ प्रसाद और एस. वेंकटाचलम की नई पदस्थापना 31 जुलाई 2026 की दोपहर से प्रभावी होगी, जबकि अन्य सभी अधिकारियों के स्थानांतरण और नई नियुक्तियों के आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इस फेरबदल से वन विभाग, लघु वनोपज प्रबंधन, वन विकास निगम और टाइगर रिजर्व के प्रशासनिक कामकाज में बेहतर समन्वय और गति आएगी।

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