97 हजार नल और 20 हजार खाली प्लॉट जांच के दायरे में, बड़े नाम होंगे उजागर

रायपुर। नगर निगम ने राजस्व बढ़ाने के लिए जल कर व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। मिशन अमृत और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत शहर में दिए गए लगभग 97 हजार घरेलू नल कनेक्शनों को वॉटर टैक्स के दायरे में लाने की कवायद तेज कर दी गई है। इसके साथ ही शहर के करीब 20 हजार खाली प्लॉटों का भी रिकॉर्ड खंगाला जाएगा, ताकि कर संग्रह का दायरा बढ़ाया जा सके। निगम आयुक्त सबित मिश्रा ने अवैध नल कनेक्शन, अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति किए गए निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


नगर निगम के मुताबिक मिशन अमृत योजना के तहत करीब 72 हजार और स्मार्ट सिटी परियोजना के माध्यम से लगभग 25 हजार नल कनेक्शन दिए गए हैं। इन अधिकांश कनेक्शनों पर पहले से वॉटर मीटर लगाए जा चुके हैं। अब इन्हीं मीटरों की रीडिंग के आधार पर जल कर निर्धारित किया जाएगा। निगम का उद्देश्य ऐसे सभी उपभोक्ताओं को नियमित कर व्यवस्था से जोड़ना है, जहां अब तक वॉटर टैक्स की प्रभावी वसूली नहीं हो पा रही थी।


निगम का कहना है कि शहर में पेयजल आपूर्ति और उसके रखरखाव पर हर वर्ष बड़ी राशि खर्च की जाती है, जबकि इसके मुकाबले जल कर से होने वाली आय अपेक्षाकृत कम है। इसी अंतर को कम करने के लिए मीटर आधारित वॉटर टैक्स व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को सभी नल कनेक्शनों की मीटर रीडिंग का अद्यतन डाटा तैयार करने और उसकी जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

जल कर के अलावा नगर निगम ने शहर के लगभग 20 हजार खाली प्लॉटों को भी राजस्व के दायरे में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए रजिस्ट्री कार्यालय और भूइयां पोर्टल के रिकॉर्ड का मिलान कराया जाएगा, ताकि संपत्तियों का सटीक विवरण तैयार किया जा सके। निगम का मानना है कि इससे करदाताओं का अद्यतन डाटाबेस तैयार होगा, कर निर्धारण में पारदर्शिता आएगी और राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।


नगर निगम आयुक्त सबित मिश्रा ने बताया कि पिछले दो महीनों के दौरान निगम ने विभिन्न मदों में 45 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की है। उन्होंने इसे अधिकारियों की बेहतर रणनीति और विशेष वसूली अभियान का परिणाम बताया। अब निगम नए राजस्व स्रोतों को जोड़ते हुए कर वसूली को और तेज करने की तैयारी में है। इसके साथ ही अवैध नल कनेक्शन, अवैध प्लाटिंग और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

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