कनेर और बेलपत्तियां भी तेजी की राह पर
राजकुमार मल
भाटापारा- पहले तपिश ने छिनी रंगत, गुणवत्ता और उत्पादन। अब तेज बारिश के बाद जल- जमाव जैसी प्रतिकूल मौसम की चपेट में है फूलों की खेती। यह तब, जब सावन की मांग निकलने वाली है।
मजबूत है गेंदा 200 रुपए किलो जैसी उच्चतम कीमत पर। साथ दे रही है वह बेलपत्ती जिसकी डिमांड आहिस्ता-आहिस्ता शुरू हो चली है। उत्पादक क्षेत्रों से आ रही खबरों को देखते हुए फूल बाजार कीमतों में टूट की संभावना से इनकार कर रहा है क्योंकि धूप और बारिश ने बेल पत्ती को भी जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है।

पुड़िया 15 से 20 रुपए
कनेर के छह या आठ फूल, बेल पत्ती भी इतनी ही संख्या में। कुछ मात्रा दूब की। गेंदा के फूलों के साथ कीमत प्रति पुड़िया फिलहाल 15 से 20 रुपए भले ही बोली जा रही हो लेकिन 30 जुलाई से शुरू हो रहे सावन में इसकी खरीदी में 5 रुपए की वृद्धि के आशंका बन रही है क्योंकि मांग के अनुरूप आपूर्ति में अंतराल बढ़ रहा है।
कमजोर पुष्पन फूलों में
गेंदा और गुलाब। तेज धूप में झुलसने के बाद दूसरी फसल अब तेज बारिश के बाद जल जमाव की वजह से सड़न की अवस्था में आ चुकी है। फूलों की लगभग सभी प्रजातियां इस समस्या का सामना कर रहीं हैं। इसलिए कीमतें इनमें भी बढ़ सकतीं हैं। विशेष तेजी गेंदा और गुलाब में आने के आशंका है क्योंकि मांग इनमें ही ज्यादा रहने की संभावना है।

अस्थिर है आक और धतूरा
सावनोत्सव में विशेष महत्व रखते हैं आक के फूल और धतूरा के फल। कीमत को लेकर फूल बाजार स्पष्ट नहीं है क्योंकि आवक और मांग दोनों सामान्य है। यह स्थिति दूब में भी देखी जा रही है, जो मांग से लगभग बाहर ही है। कुल मिलाकर सावन की प्रतीक्षा में है फूल बाजार।