फिल्मी दुनिया की चकाचौंध के पीछे कई ऐसी पुरानी कहानियां छिपी हैं जो दिलों को छू जाती हैं। ऐसी ही एक अनसुनी और सच्ची दास्तान गुज़रे ज़माने की मशहूर एक्ट्रेस योगिता बाली और उनकी सिंगर भाभी हेमलता की थी। समाज में ननद और भाभी के झगड़ों के किस्से तो आम रहे हैं, लेकिन बॉलीवुड अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पत्नी योगिता बाली ने सालों पहले अपने भाई की मौत के बाद अपनी विधवा भाभी का घर दोबारा बसाकर एक ऐतिहासिक मिसाल पेश की थी।
शादी के सिर्फ चार दिन बाद मायके लौट आई थीं सिंगर हेमलता
सिंगर हेमलता ने ‘अंखियों के झरोखों से’ और ‘नदिया के पार’ जैसी फिल्मों में अपनी मखमली आवाज़ से बड़ी पहचान बनाई थी। जब उनका करियर ऊंचाइयों पर था, तब योगिता बाली के भाई योगेश बाली ने उन्हें एक शादी में देखा था और वे हेमलता को पसंद करने लगे थे। पारिवारिक दबाव के कारण हेमलता ने शादी के लिए हां कह दिया था। योगेश ने जल्दबाजी में शादी करने का दबाव बनाया और दोनों का विवाह संपन्न हुआ था। लेकिन यह शादी शुरुआत से ही मुश्किलों से घिरी रही और विवाह के महज चार दिन बाद ही हेमलता अपने मायके वापस लौट आई थीं, जिसके बाद वे अगले छह साल तक वहीं रहीं।
पति के निधन के बाद गहरे सदमे में चली गई थीं हेमलता
छह साल के लंबे इंतज़ार के बाद जब योगेश अपनी गलती का अहसास होने पर हेमलता को वापस लेने पहुंचे, तब दोनों का रिश्ता दोबारा पटरी पर लौटा था। इसके बाद हेमलता ने एक बेटे को जन्म दिया था, जिसका नाम आदित्य रखा गया। लेकिन दोनों की खुशियां ज़्यादा वक्त तक नहीं टिक सकीं। अस्सी के दशक के आखिरी सालों में योगेश बाली का लिवर सिरोसिस नाम की गंभीर बीमारी के कारण निधन हो गया था। लिवर सिरोसिस एक ऐसी बीमारी होती है जिसमें संक्रमण या अन्य कारणों से इंसान का जिगर यानी लिवर पूरी तरह खराब हो जाता है। पति की अचानक मौत के बाद हेमलता गहरे सदमे में चली गई थीं और उनका छह साल का बेटा अकेला पड़ गया था।
ननद और सास ने मिलकर अपनी ही चौखट से की थी बहू की विदाई
उस दौर में किसी विधवा महिला की दूसरी शादी कराना समाज में एक बहुत बड़ा कदम माना जाता था। हेमलता भी लोक-लाज और समाज के तानों के डर से दोबारा शादी करने के पक्ष में नहीं थीं। ऐसे मुश्किल वक्त में उनकी ननद योगिता बाली और उनकी मॉडर्न सोच वाली सास खुद आगे आई थीं। योगिता बाली ने अपनी भाभी को ढांढस बंधाया था और जिंदगी में नए सिरे से आगे बढ़ने का हौसला दिया था। ननद और सास के इसी प्यार और सहयोग के कारण हेमलता दूसरी शादी के लिए राजी हुई थीं। इस पूरी कहानी की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि हेमलता की दूसरी शादी उनके पहले ससुराल वाले घर से ही संपन्न हुई थी और उनकी सास व ननद योगिता बाली ने खुद उन्हें अपनी चौखट से विदा किया था।