Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से- परलोक के साथ अब इस लोक की भी चिंता

-सुभाष मिश्रभारतीय समाज में व्याप्त धार्मिक और मिथक कथाओं में शरीर को नश्वर और आत्मा को अमर माना है। बहुत सारे ...

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चैनल ने किया इंकार नहीं है हमारा पत्रकार

रायपुर। बीते बुधवार को संवाद कार्यालय में एक कथित चैनल के पत्रकार दुलारे अंसारी ने जमकर उत्पात मचाया और वहीं अपर संचालक संजीव तिवारी के साथ दुव्र्यवहार करते ह...

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पत्रकार सुरक्षा कानून की तरह शासकीय सेवक सुरक्षा कानून भी जरूरी

छत्तीसगढ़ का समाज और शासन व्यवस्था हमेशा लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा का सम्मान करने वाला रहा है। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा गया है, और राज्य स...

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बिहार का चुनाव और तनाव

बिहार फिर चुनावी तपिश में है। यहां चुनाव महज़ लोकतंत्र का पर्व नहीं, बल्कि जाति, वर्ग, रोजगार और सत्ता के समीकरणों का संघर्ष भी होता है। हर बार की तरह इस बार ...

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