बिलासपुर। शहर में अवैध धर्मांतरण की सूचना पर रविवार को सीएमडी चौक स्थित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) कार्यालय के बाहर तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर विभिन्न हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने तारबाहर थाने पहुंचकर शिकायत सौंपते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आईमा कार्यालय में कुछ लोगों द्वारा ईसाई मिशनरी गतिविधियों के माध्यम से हिंदू समाज के लोगों को आर्थिक सहायता, निःशुल्क चिकित्सा, बेहतर जीवन और अन्य प्रकार के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मौके के प्रत्यक्ष दस्तावेजों, वीडियो, फोटो, दस्तावेजों, मोबाइल रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान एकत्र कर दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की हैशिकायत में कहा गया है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 के तहत अपराध दर्ज किया जाए।हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से बिलासपुर में अवैध धर्मांतरण की घटनाएं सामने आती रही हैं। उनका आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा धर्मांतरण रोकने के लिए कड़े कानून बनाए जाने के बावजूद यदि उनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं होगा तो इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाना मुश्किल होगा। उन्होंने ऐसे मामलों में तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी तक आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही पुलिस की ओर से किसी के खिलाफ अपराध दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।