कृष्ण कुमार सिकंदर, रायपुर। छत्तीसगढ़ में मंत्रालय स्तर पर हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब पुलिस विभाग में भी व्यापक सर्जरी की तैयारी की चर्चा तेज हो गई है। मंत्रालय में विभिन्न विभागों के सचिव, उप सचिव और अन्य अधिकारियों के प्रभार बदलने के साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से पदस्थ 61 निरीक्षकों को हटाकर मैदानी जिलों में भेजे जाने के फैसले ने इस चर्चा को और बल दिया है कि जल्द ही पुलिस महकमे में भी बड़े पैमाने पर तबादला आदेश जारी हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय स्तर पर अधिकारियों की पदस्थापनाओं को लेकर मंथन चल रहा है। माना जा रहा है कि इस बार तबादलों का दायरा केवल निरीक्षक स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आईपीएस, राज्य पुलिस सेवा, डीएसपी, एसडीपीओ और थाना प्रभारियों तक इसका प्रभाव दिखाई दे सकता है। प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं, जबकि कुछ जिलों में पुलिस नेतृत्व में बदलाव की संभावना है।
पुलिस महकमे में संभावित फेरबदल को लेकर सबसे अधिक चर्चा रेंज और जिला स्तर पर हो रही है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट, रायपुर ग्रामीण, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा, बस्तर और राजनांदगांव रेंज के अंतर्गत आने वाले जिलों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। कई जिलों में ऐसे पुलिस अधीक्षक हैं जो लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं। ऐसे में प्रशासनिक संतुलन और नई कार्ययोजना के तहत उनके तबादले किए जा सकते हैं।
सूत्रों का कहना है कि वर्तमान पदस्थापना स्थल पर दो वर्ष या उससे अधिक समय पूरा कर चुके अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है। इसके अलावा वे अधिकारी भी प्रशासन की प्राथमिकता में हैं, जिनके तबादला आदेश पूर्व में जारी हो चुके थे, लेकिन किसी तकनीकी, न्यायिक अथवा प्रशासनिक कारण से वे नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके थे। ऐसे अधिकारियों को भी इस बार नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
पुलिस विभाग में हाल ही में निरीक्षक से पदोन्नत होकर डीएसपी बने अधिकारियों की पदस्थापना भी लंबित है।
बड़ी संख्या में पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों को अब फील्ड पोस्टिंग दिए जाने की तैयारी बताई जा रही है। इसके चलते जिला और अनुविभागीय स्तर पर पदस्थ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है। आगामी फेरबदल का असर दुर्ग, धमतरी, कोरबा, जांजगीर-चांपा, बेमेतरा और जगदलपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में विशेष रूप से दिखाई दे सकता है। वहीं बस्तर संभाग में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव की संभावना जताई जा रही है। नक्सल मोर्चे पर सरकार की नई रणनीति और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बस्तर क्षेत्र में नेतृत्व स्तर पर भी पुनर्संरचना की जा सकती है।
पुलिस मुख्यालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सरकार कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नक्सल उन्मूलन और प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों की नई तैनाती पर विचार कर रही है। यही वजह है कि संभावित तबादला सूची में आईपीएस और राज्य पुलिस सेवा के कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं। कुछ अधिकारियों को जिला पुलिस कप्तान की जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कुछ को रेंज अथवा विशेष इकाइयों में नई भूमिका दी जा सकती है।
हालांकि सरकार या पुलिस मुख्यालय की ओर से अभी तक किसी संभावित तबादला सूची की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन मंत्रालय में हुई प्रशासनिक सर्जरी और नक्सल क्षेत्रों से निरीक्षकों की वापसी के बाद पुलिस विभाग में बड़े बदलाव की अटकलें लगातार मजबूत होती जा रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जारी होने वाले आदेश पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली और जिलेवार नेतृत्व संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकते हैं।