नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार का बड़ा खुलासा, दिल्ली हाई कोर्ट में बताया टेलीग्राम पर कैसे फैला पर्चा

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा यानी नीट-यूजी पेपर लीक मामले में एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार ने इस परीक्षा के पेपर लीक होने और सोशल मीडिया एप टेलीग्राम के ग्रुप्स व चैनलों पर हुई गड़बड़ियों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक महत्वपूर्ण हलफनामा यानी लिखित बयान दाखिल किया है। सरकार ने अदालत को बताया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को नीट का पर्चा लीक होने के मामले में टेलीग्राम के गलत इस्तेमाल को लेकर कई गंभीर शिकायतें मिली थीं। इसके बाद जब जांच की गई तो मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।

संदिग्ध चैनलों और ग्रुप्स की हुई पहचान, सरकार ने बुलाई थी बैठक

हलफनामे के मुताबिक, परीक्षा कराने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने जांच के दौरान ऐसे कई टेलीग्राम चैनलों, ग्रुप्स और मैसेज भेजने वाले अकाउंट्स की पहचान की है, जो लीक हुए परीक्षा के पेपर को तेजी से फैलाने का काम कर रहे थे। ये सभी ग्रुप नीट परीक्षा से जुड़ी धोखाधड़ी वाली हरकतों में सीधे तौर पर शामिल पाए गए। केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि शुरुआत में तुरंत टेलीग्राम ऐप को पूरी तरह बंद या ब्लॉक नहीं किया गया। अधिकारियों ने बीच का रास्ता निकालते हुए बीते 3 जून 2026 को टेलीग्राम कंपनी के बड़े अधिकारियों को एक जरूरी बैठक के लिए दिल्ली बुलाया था।

टेलीग्राम ने मानी अपनी कमी, कहा- नहीं लगा पा रहे थे रोक

इस हाई-लेवल बैठक के दौरान सरकार ने टेलीग्राम के सामने अपनी गहरी चिंता जताई। अधिकारियों ने कहा कि टेलीग्राम लीक हुए परीक्षा के पेपर और फर्जीवाड़ा फैलाने वाले चैनलों की पहचान करने और उन्हें रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। इस पर जवाब देते हुए टेलीग्राम कंपनी ने सरकार के सामने अपनी सीमाओं और कमियों को स्वीकार किया। कंपनी के प्रतिनिधियों ने माना कि उनके सिस्टम में ऐसे गलत कंटेंट और मैसेजों का खुद से पता लगाने में कुछ दिक्कतें आ रही थीं। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिया कि उनके मॉडरेटर यानी शिकायतें जांचने वाले कर्मचारी रिपोर्ट किए गए चैनलों को हटाने के काम में जुटे हुए थे।

अब 21 जून को होगी दोबारा परीक्षा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

आपको बता दें कि नीट यूजी की मुख्य परीक्षा इसी साल 3 मई को आयोजित की गई थी। लेकिन परीक्षा खत्म होते ही देशभर में पेपर लीक और भारी धांधली के आरोप लगे, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुरानी परीक्षा को रद्द करना पड़ा। अब इस परीक्षा का री-टेस्ट यानी दोबारा एग्जाम आगामी 21 जून को आयोजित होने जा रहा है। सरकार और प्रशासन का दावा है कि इस बार छात्रों की सहूलियत के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं और परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित व साफ-सुथरे ढंग से संपन्न कराया जाएगा।

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