रायपुर। 21 जून को राहुल गांधी के दौरे को लेकर भाजपा और कांग्रेस में सियासी जुबानी जंग तेज हो गई है। इसकी शुरूआत वन मंत्री केदार कश्यप के उस बयान से हुई, जब उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा-जब कांग्रेस की सरकार थी, उस वक्त राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान प्रियंका गांधी आईं थीं, उस वक्त उनके स्वागत में कांग्रेसियों ने सड़कों पर गुलाब के फूल बिछाकर स्वागत किए थे। अब जब राहुल गांधी आ रहे हैं तो उनका स्वागत तो कांग्रेसियों को उनका पैर धोकर करना चाहिए। उनका तर्क है था कि कांग्रेस अपने पांच साल के शासनकाल में भ्रष्टाचार में डुबी हुई थी। 2 हजार करोड़ के शराब घोटाले हुए थे। कहा- जब राहुल गांधी आ रहे हैं, तब कांग्रेस उनका चरण दारू से धोकर स्वागत करें, ऐसी हमारी शुभकामना है।
इधर, कांग्रेस ने भी किया पलटवार :
इस बयान के बाद कांग्रेस भी काउंटर करने के मूड में आई गई है। वन मंत्री केदार कश्यप के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्ने वर्मा कहा, इस वक्त साय सरकार में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। इनके खुद के नेता रेत खनन को लेकर आपस में खून की होलियां खेल रहे हैं। शराब के बेनामी ब्रांड का दारू सरकारी दुकानों में बेची जा रही है। कई कंपिनयों की घटिया शराब बेचे जा रहे हैं। पुल-पुलिया, सड़क समेत विकास कार्यों में भारी भ्रष्टाचार की चीजें मीडिया में उजागर हो रही हैं। उन्होंने कहा-पहले केदार कश्यप जी अपने गिरेबां में झांके। इनके बस्तर संभाग में पेड़ काटे जा रहे हैं। उसकी सुध नहीं है। सवाल है कि राहुल गांधी के दौरे से भाजपा घबराई हुई है। इसलिए अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।