एक समग्र दृष्टिकोण बलौदा बाजार के आउटडोर स्टेडियम योग कक्षा के योग साधकों के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व तैयारी जिले के विकासखंड कसडोल अंतर्गत हरेली इको रिसॉर्ट मोहदा बार नवापारा में 02 दिवसीय प्रवास कर किया गया। उक्त 02 दिवसीय प्रवास में पतंजलि जिला बलौदा बाजार के मुख्य योग शिक्षक लोकेश कनौजे, जीतांशु प्रसन्न वर्मा द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को किए जाने वाले प्रोटोकॉल योगाभ्यास कराया गया।
योग साधकों के द्वारा बार नवापारा के वन में भ्रमण किया गया। योगा प्रोटोकॉल अंतर्गत चालन क्रिया, खड़े होकर, बैठकर, पेट के बल, पीठ के बल लेट कर किए जाने वाले प्रमुख आसन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया गया। उक्त योगाभ्यास में सुचिन वर्मा ,प्रेमसिंह, रामदयाल पटेल,सतीश वर्मा, संतोष चक्रधारी,विकास चंद्राकर, अमरनाथ वर्मा, एवं आसपास के लोग सम्मिलित हुए।

योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि हमारे मन और पर्यावरण के साथ भी गहरा संबंध जोड़ता है। योग का पहला नियम—अहिंसा,हमें सिखाता है कि हमें किसी भी जीव को चोट न पहुँचाने का प्रयास करना चाहिए। इसी तरह कई आसन विभिन्न जानवरों—जैसे शेर, मोर, मगर ,बंदर आदि के विभिन्न क्रियाओं के रूप में होते हैं, जिनके माध्यम से हम उनके प्रति सम्मान और प्रशंसा महसूस कर सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 में थीम
‘ योगा फॉर हेल्थी एजिंग’ लिया गया है, इसका अर्थ है हम अपनी जीवनशैली में योग को शामिल करें ताकि हम बुढ़ापे में भी स्वस्थ, ऊर्जावान और आत्म-निर्भर रहें।
घर में रहने वाले बुजुर्गों के लिए योग बहुत उपयोगी है। वे कुर्सी का सहारा लेकर आसन , प्राणायाम कर सकते हैं, जिससे उनका रक्त संचार अच्छा रहता है। ऑफिस में काम करने वाले लोग लंबे समय तक बैठने के कारण पीठ और गर्दन के दर्द से परेशान रहते हैं, उनके लिए डेस्क योग बहुत अच्छा है।