यूपी-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर अटका मानसून, मध्य प्रदेश और हरियाणा समेत 19 राज्यों में प्री-मानसून की बारिश से राहत

देशभर में इन दिनों मौसम के मिजाज में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। बीते 4 जून को केरल के रास्ते भारत में दस्तक देने के बाद मानसून पिछले 15 दिनों में देश के 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। हालांकि, मौसम प्रेमियों के लिए एक थोड़ी चिंताजनक खबर भी है। मानसून पिछले पांच दिनों से उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बॉर्डर पर आकर अटक गया है, जिससे इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई है। इसके बावजूद राहत की बात यह है कि देश के कई बड़े राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा और दिल्ली में प्री-मानसून यानी मानसून आने से पहले होने वाली बारिश का दौर तेजी से जारी है।

हरियाणा में आंधी-तूफान के साथ गिरे ओले, एमपी के कई जिलों में भारी नुकसान

पिछले 24 घंटों के दौरान हरियाणा के कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट बदली। हिसार में तेज आंधी और हवाओं के साथ जोरदार बारिश दर्ज की गई, जिससे कई जगहों पर गाड़ियों के ऊपर भारी पेड़ गिर गए। वहीं सिरसा और उसके आस-पास के क्षेत्रों में ओलावृष्टि यानी ओले गिरने की भी खबर है। दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश के इंदौर और गुना समेत छह बड़े जिलों में धूल भरी आंधी के साथ अच्छी बारिश हुई है, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिली है।

प्री-मानसून के बाद भी 7 राज्यों में पारा 40 डिग्री के पार, बांदा रहा सबसे गर्म

भले ही देश के कई हिस्सों में बादल बरस रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत सात राज्यों में अब भी सूरज के तीखे तेवर बरकरार हैं। इन राज्यों के कई शहरों में अधिकतम तापमान अभी भी 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। गुरुवार को देश भर में सबसे ज्यादा तापमान उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में रिकॉर्ड किया गया, जहां पारा 43.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 42.3 डिग्री, ओडिशा के बौध में 42.8 डिग्री, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 41.6 डिग्री और बिहार के छपरा में 41.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

जून के महीने में मानसून ने लिया लंबा ब्रेक, महाराष्ट्र-गुजरात में सूखा जैसे हालात

मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल 4 जून से 18 जून के बीच पूरे देश में सामान्य के मुकाबले करीब 41 परसेंट कम बारिश दर्ज की गई है। मानसून ने लगातार तीसरे साल जून के महीने में एक लंबा ब्रेक यानी ठहराव लिया है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि साल 2024 और 2025 में भी शुरुआत में ऐसा ही सूखा ब्रेक देखने को मिला था, लेकिन बाद में पूरे सीजन में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई थी। इस साल अब तक सबसे खराब स्थिति महाराष्ट्र और गुजरात की रही है, जहां सामान्य से क्रमशः 78 परसेंट और 79 परसेंट कम वर्षा दर्ज की गई है।

राजस्थान के 30 जिलों में आज आंधी और बारिश का बड़ा अलर्ट

राजस्थान में मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और झुंझुनूं सहित प्रदेश के लगभग 30 जिलों में आज धूल भरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है।

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