इंदौर और शिलांग के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी राज कुशवाहा और उसके साथियों को बड़ा कानूनी झटका लगा है। शिलांग कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी चार आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इस फैसले के बाद आरोपियों का फिलहाल जेल से बाहर आना मुमकिन नहीं होगा। अदालत के इस कड़े रुख से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है।
मामले की जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी राज कुशवाहा ने दूसरी बार जमानत के लिए आवेदन किया था। इससे पहले भी उसकी याचिका अदालत द्वारा नामंजूर की जा चुकी थी। हाल ही में इस केस की एक अन्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद राज को भी राहत की उम्मीद थी, लेकिन कोर्ट ने उसके आवेदन को सिरे से खारिज कर दिया। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि यह एक जघन्य अपराध है और आरोपियों को बाहर छोड़ने से गवाहों या सबूतों को खतरा हो सकता है।
कोर्ट ने न केवल राज बल्कि इस हत्याकांड से जुड़े अन्य तीन आरोपियों की याचिकाओं को भी एक साथ खारिज कर दिया। पुलिस और सरकारी वकील इस मामले को बेहद मजबूत बता रहे हैं और सभी आरोपियों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पहले ही काफी सुर्खियां बटोरी थीं और अब जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में रहेंगे और मामले की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।