भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुधार की पहल: विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने एस जयशंकर और एनएसए डोभाल से की मुलाकात

नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों को पुनः सक्रिय करने के उद्देश्य से बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित कई वरिष्ठ नेताओं से उच्च स्तरीय वार्ता की।

शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर चर्चा ढाका द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, बैठक के दौरान बांग्लादेशी पक्ष ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल के प्रत्यर्पण का औपचारिक अनुरोध किया है। उल्लेखनीय है कि अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद से शेख हसीना भारत में रह रही हैं। बांग्लादेशी पक्ष ने कहा कि दोनों देश प्रत्यर्पण संधि के तहत निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करने पर सहमत हुए हैं। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में प्रत्यर्पण के विशिष्ट मुद्दे का उल्लेख नहीं किया गया है।

द्विपक्षीय सहयोग और नई विदेश नीति खलीलुर रहमान ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश सरकार ‘बांग्लादेश प्रथम’ के सिद्धांत का पालन करेगी। उन्होंने कहा कि भावी संबंध पारस्परिक विश्वास, सम्मान और साझा लाभ पर आधारित होंगे। वहीं, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चर्चा को सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने के उपायों और क्षेत्रीय एवं वैश्विक चुनौतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया है।

वीजा प्रक्रिया को सुगम बनाने का आश्वासन भारतीय विदेश मंत्रालय ने नई सरकार के साथ रचनात्मक जुड़ाव की प्रतिबद्धता दोहराई है। भारतीय पक्ष ने बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि आगामी सप्ताहों में बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं, विशेषकर चिकित्सा और व्यापारिक वीजा की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया जाएगा। साथ ही, बांग्लादेश ने छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय यात्रा फरवरी में बांग्लादेश में हुए चुनावों और बीएनपी के सत्ता में आने के बाद यह किसी वरिष्ठ बांग्लादेशी नेता की पहली बड़ी भारत यात्रा है। बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि विशिष्ट कानूनी और प्रत्यर्पण के मुद्दे दोनों देशों के व्यापक कूटनीतिक संबंधों को प्रभावित नहीं करेंगे और भविष्य में भी निरंतर संवाद बनाए रखा जाएगा।

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