चंडीगढ़। पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला मैनेजर (डीएम) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कड़ी कार्रवाई की है। इस प्रकरण में आरोपी कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर से इस्तीफा लेने के बाद अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले में पूर्व मंत्री के अलावा उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और पीए दिलबाग सिंह को भी आरोपी बनाया गया है। यह कार्रवाई मृतक की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत के आधार पर की गई है।
मृतक की पत्नी ने अपनी शिकायत में बताया कि वह अमृतसर में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। उनके पति गगनदीप सिंह रंधावा के पास अमृतसर और तरनतारन जिलों का प्रभार था। पिछले साल अक्टूबर में गोदामों के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए थे, जिसकी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी थी। आरोप है कि परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर अपने पिता के नाम पर ये टेंडर मंजूर कराने के लिए उनके पति पर लगातार अनुचित दबाव बना रहे थे।
शिकायत के अनुसार, नियम विरुद्ध काम न करने पर मंत्री, उनके पिता और पीए द्वारा गगनदीप सिंह को गंभीर परिणाम भुगतने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी जा रही थीं। उपिंदर कौर का आरोप है कि मंत्री ने उनके पति को व्हाट्सएप कॉल के जरिए अपमानित किया और टेंडर रद्द न करने पर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि 13 मार्च को मंत्री ने उनके पति को अपने पैतृक निवास पर बुलाया, जहां उनके साथ मारपीट की गई। शिकायत के मुताबिक, मंत्री ने पिस्तौल की नोंक पर डराकर गगनदीप सिंह से जबरन एक वीडियो बयान भी रिकॉर्ड करवाया। लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना के चलते अधिकारी ने आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।