महासमुंद। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खल्लारी माता मंदिर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरी रोपवे की ट्रॉली अचानक टूट गई, जिससे उसमें सवार कई लोग जख्मी हो गए हैं। इस घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया है और राहत कार्य जारी है।
पूर्व की घटनाओं से नहीं लिया सबक
प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर रोपवे से जुड़ा यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले डोंगरगढ़ के बमलेश्वरी माता मंदिर में भी इसी तरह की घटना हो चुकी है। बार-बार हो रहे इन हादसों ने मंदिर ट्रस्ट समिति की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन और ट्रस्ट की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है।
ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
मैदानी सूत्रों के अनुसार, हादसे को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि ट्रस्ट समिति का ध्यान केवल चढ़ावे और राजस्व पर केंद्रित है, जबकि श्रद्धालुओं की जान-माल की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। रोपवे के नियमित रखरखाव और तकनीकी जांच में बरती गई लापरवाही ही इस हादसे की मुख्य वजह बताई जा रही है।
प्रशासन की भूमिका और जांच
दरअसल, हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गया है। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि रोपवे संचालन के लिए अनिवार्य सुरक्षा सर्टिफिकेट लिया गया था या नहीं। श्रद्धालुओं ने मांग की है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।