नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में न्याय के देवता और कर्मफल दाता माने जाने वाले शनि देव ने अपनी चाल बदल ली है। शनि देव ने उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश किया है, जहां वे 17 अप्रैल तक विराजमान रहेंगे। खास बात यह है कि इस नक्षत्र का स्वामित्व स्वयं शनि देव के पास ही है। ज्योतिषविदों के अनुसार, शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन विशेष रूप से उन तीन राशियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होने वाला है, जो वर्तमान में साढ़ेसाती या ढैय्या के प्रभाव से संघर्ष कर रहे हैं।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों पर इस समय शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है। शनि का उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के तीसरे चरण में गोचर करना इस राशि के लिए शुभ परिणाम लेकर आएगा। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूर्ण होने की संभावना है और मानसिक तनाव में कमी आएगी। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में पदोन्नति या लाभ मिल सकता है और भाग्य का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा।
सिंह राशि
सूर्य के स्वामित्व वाली सिंह राशि के जातकों पर वर्तमान में शनि की ढैय्या का प्रभाव है। शनि का यह पद परिवर्तन सिंह राशि वालों के लिए कल्याणकारी रहेगा। इस अवधि में आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और व्यापार से जुड़े लोगों को मुनाफे के नए अवसर मिलेंगे। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और संतान पक्ष से किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है।
धनु राशि
गुरु की राशि धनु के जातकों पर भी इस समय शनि की ढैय्या चल रही है। शनि की बदली हुई चाल धनु राशि के जातकों के लिए निवेश के बेहतरीन अवसर लेकर आ सकती है। पूर्व में किए गए निवेश से लाभ होने के योग हैं। इसके साथ ही परिवार और रिश्तेदारों के साथ संबंधों में मधुरता आएगी और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
