रायपुर। चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन आज मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप देवी चंद्रघंटा की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। माता चंद्रघंटा को असुरों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षा करने वाली देवी माना गया है। 27 मार्च तक चलने वाले इस पावन पर्व के दौरान व्रत और पूजन से देवी दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ज्योतिष शास्त्र और लाल किताब के अनुसार, नवरात्रि का यह समय जीवन की विभिन्न समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नवरात्रि की समाप्ति से पहले पीली सरसों के कुछ सरल और प्रभावी उपाय करने से कर्ज और आर्थिक तंगी जैसी परेशानियों से राहत मिल सकती है। नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए थोड़ी सी पीली सरसों को लाल कपड़े में बांधकर घर के मुख्य द्वार पर लटकाना लाभकारी माना गया है।
धन प्राप्ति की बाधाओं को दूर करने के लिए नवरात्रि के दौरान रात के समय एक मुट्ठी पीली सरसों को अपने सिर से सात बार वारकर किसी सुनसान चौराहे या बहते जल में प्रवाहित करने की सलाह दी गई है। वहीं, कर्ज से मुक्ति पाने के लिए पीली सरसों की पोटली को तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखना शुभ होता है।
करियर में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए मंगलवार या रविवार को पीली सरसों को सिर से वारकर दक्षिण दिशा या किसी चौराहे पर फेंकने का विधान है। इसके अतिरिक्त, पूजा की पूर्णता के लिए चांदी की कटोरी में एक मुट्ठी पीली सरसों रखकर माता के चरणों में अर्पित करना फलदायी माना जाता है। इन उपायों को श्रद्धापूर्वक करने से साधक को सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है।