जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी बिलासपुर की इकाई ने जांजगीर जिले के नवागढ़ नगर पंचायत में पदस्थ लेखापाल को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि इसी दिन जिले के बिजली विभाग के ग्रामीण कार्यालय में भी तीन कर्मचारियों को रिश्वत लेते पकड़ा गया था।
एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि नवागढ़ निवासी अब्दुल वहाब ने ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, प्रार्थी की फर्म ने नगर पंचायत नवागढ़ क्षेत्र में वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान अधोसंरचना निर्माण और मरम्मत के कार्य किए थे। इन कार्यों के करीब 2 लाख 3 हजार रुपये के बिल का चेक जारी करने के बदले लेखापाल 16 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था। प्रार्थी पूर्व में 6 हजार रुपये दे चुका था, लेकिन शेष 10 हजार रुपये नहीं देना चाहता था और आरोपी को रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था।
शिकायत के सत्यापन के दौरान मोलभाव होने पर आरोपी लेखापाल 8 हजार रुपये लेने पर सहमत हुआ। योजना के मुताबिक, शुक्रवार 20 मार्च को जब प्रार्थी रिश्वत की राशि देने पहुंचा, तब आरोपी ने पैसे लेकर अपनी कार में रख लिए। इसी दौरान ग्राम सेमरा के पास तैनात एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की 8 हजार रुपये की राशि बरामद कर ली गई है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।