मौजा ही मौजा का सीक्रेट: शाहिद-करीना के हिट गाने में छिपा है असम का लोकगीत, जानिए असली मतलब

नई दिल्ली। बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘जब वी मेट’ का गाना ‘मौजा ही मौजा’ आज भी शादी, पार्टी और सेलिब्रेशन की पहली पसंद बना हुआ है। शाहिद कपूर और करीना कपूर पर फिल्माया गया यह Song सालों बाद भी लोगों को झूमने पर मजबूर कर देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गाने की शुरुआत में सुनाई देने वाले शब्द हिंदी या पंजाबी नहीं हैं?

दरअसल, गाने के शुरुआती बोल असमिया भाषा के एक पुराने लोकगीत से लिए गए हैं। हाल के दिनों में सोशल Media पर इस गाने के असली मतलब को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसके बाद कई लोग इन शब्दों के अर्थ जानने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

असम के लोकगीत से लिया गया है हिस्सा

गाने की शुरुआत में सुनाई देने वाली पंक्तियां असम के पारंपरिक लोकगीत ‘रोडाली ए रोड दे’ का हिस्सा हैं। यह गीत असम के ग्रामीण इलाकों में बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है। इसे खासतौर पर तब गाया जाता है, जब लगातार बारिश होने के कारण बच्चे बाहर नहीं खेल पाते और धूप निकलने की कामना करते हैं।

इन पंक्तियों में बच्चे सूर्य या धूप से आग्रह करते हैं कि वे बाहर आएं। बदले में बच्चे उनके लिए बैठने की जगह तैयार करने की बात कहते हैं।

क्या है इन शब्दों का अर्थ?

लोकगीत का सरल अर्थ यह है कि बच्चे धूप से कहते हैं कि वे उसके लिए रास्ता साफ करेंगे और बैठने के लिए छोटी चौकी लगाएंगे। इसके बाद धूप से बाहर आने और रोशनी देने की प्रार्थना करते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि जिस गाने को लोग मस्ती और डांस से जोड़ते हैं, उसकी शुरुआत एक मासूम लोक परंपरा से होती है।

दो संस्कृतियों का अनोखा मेल

संगीत प्रेमियों का मानना है कि ‘मौजा ही मौजा’ में पंजाबी म्यूजिक और असमिया लोकधुन का शानदार मेल देखने को मिलता है। यही वजह है कि यह गाना सिर्फ एक Dance Number नहीं, बल्कि भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत का भी खूबसूरत उदाहरण बन गया है।

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