भोपाल। अटल आवास योजना में फ्लैट दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में गिरफ्तार प्रमिला तिवारी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस जांच में अब खुलासा हुआ है कि उसका नेटवर्क केवल फ्लैट दिलाने तक सीमित नहीं था, बल्कि सरकारी नौकरी का झांसा देकर भी युवाओं से लाखों रुपये वसूले गए।
जांच के अनुसार, गिरोह ने भोपाल, रीवा, जबलपुर, बैतूल और सतना समेत कई जिलों के बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाया। आरोप है कि वन विभाग, Railway, SBI, PWD, AIIMS और नगर निगम जैसे विभागों में नौकरी दिलाने का वादा कर फर्जी Appointment Letter दिए गए।
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ऐंठे लाखों रुपये
पुलिस के मुताबिक, कई युवाओं को सरकारी अधिकारी और विभागों के नाम से तैयार किए गए नकली दस्तावेज सौंपे गए। रीवा निवासी एक युवती से पीडब्ल्यूडी में नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लाख रुपये लिए गए। वहीं भोपाल और अन्य जिलों के युवाओं से भी अलग-अलग विभागों में नियुक्ति का भरोसा देकर रकम वसूली गई।
गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था। आरोपियों द्वारा सरकारी कार्यालयों के बाहर मुलाकात की जाती थी। कुछ लोग खुद को पहले से नौकरी लग चुका कर्मचारी बताकर भरोसा दिलाते थे, जिससे युवाओं को शक न हो।
नगर निगम में काम भी कराया
जांच में सामने आया है कि कुछ युवाओं को नगर निगम में नौकरी का भरोसा देकर डेढ़ महीने तक सर्वे का काम भी कराया गया। इससे पूरी प्रक्रिया असली लगती थी और पीड़ितों का विश्वास बढ़ जाता था।
अटल आवास योजना से खुला मामला
प्रमिला तिवारी को 18 जून को टीटीनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस पर अटल आवास योजना में फ्लैट दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लेने का आरोप है। शिकायत मिलने के बाद जांच में दस्तावेज फर्जी पाए गए थे।
पुलिस का कहना है कि मामले में कई और शिकायतें सामने आ रही हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जब्त दस्तावेजों की जांच की जा रही है।