कुल्लू में भारी बारिश और हिमपात से जनजीवन अस्त व्यस्त, भूस्खलन के खतरे को देखते हुए 15 मकान खाली कराए गए

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश और ऊचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार खराब मौसम के चलते जिले की 13 मुख्य सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में 216 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप होने से अंधेरा छाया हुआ है। भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं।

सबसे गंभीर स्थिति कुल्लू के इनर अखाड़ा बाजार के मठ क्षेत्र में बनी हुई है, जहां दोबारा भूस्खलन शुरू होने से अफरा-तफरी का माहौल है। प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए प्रभावित क्षेत्र के 15 घरों को खाली करवा लिया है। ज्ञात हो कि सितंबर 2025 में हुई त्रासदी के बाद यहां भूस्खलन का खतरा और अधिक गहरा गया है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी डर व्याप्त है।

यातायात व्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है। भुंतर-मणिकर्ण मार्ग जछनी के पास मलबा आने से अवरुद्ध हो गया है, जिससे कई वाहन दलदल में फंस गए हैं। इसी तरह मणिकर्ण-बरशैनी मार्ग घटीगढ़ के पास फिर से बंद हो गया है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एनएचसी चरण-तीन डैम साइट के पास सड़क बंद होने के कारण स्कूली बच्चों को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है।

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में कुल्लू में पांच, निरमंड में चार, और बंजार व मनाली में दो-दो सड़कें बंद हैं। उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी विभागों को अलर्ट पर रखा है। प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

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