रायपुर। राजधानी के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान तीन सफाई कर्मचारियों की दर्दनाक मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गहरा दुख व्यक्त किया है। दिल्ली रवाना होने से पहले पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सफाई के काम के दौरान किसी व्यक्ति की जान जाना कोई छोटी घटना नहीं है। इस मामले में चाहे अस्पताल प्रबंधन हो या काम कराने वाली एजेंसी, जो भी दोषी पाया जाए उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को अस्पताल के सीवरेज टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे तीन मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए थे, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है, जो सिमरन सिटी के निवासी थे। इस हादसे के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। अस्पताल प्रबंधन ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि मजदूर एक निजी कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी के माध्यम से काम कर रहे थे। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
नक्सल आत्मसमर्पण के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों को सामान्य जीवन जीने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। उन्हें समाज में वही माहौल मिलना चाहिए जो एक आम नागरिक को मिलता है। भाजपा सरकार द्वारा प्रदेश को नक्सल मुक्त घोषित करने के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि 31 मार्च आने में अब कुछ ही दिन शेष हैं और उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। अब देखना होगा कि सरकार अपने वादे के अनुसार प्रदेश को कब तक पूरी तरह नक्सल मुक्त घोषित करती है।
वहीं असम में कांग्रेस उपाध्यक्ष नव ज्योति तालुकदार के इस्तीफे पर बघेल ने कहा कि इससे पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा डराने-धमकाने और लालच देने की राजनीति कर रही है, लेकिन किसी के आने-जाने से संगठन की मजबूती कम नहीं होती।