रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर तेज हो गया है। यूक्रेन ने रूस के भीतर कई अहम ठिकानों पर बड़ा हमला किया है। इस दौरान ऑयल डिपो और केमिकल प्लांट को निशाना बनाया गया। हमले से जुड़े वीडियो यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए हैं।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को दावा किया कि रातभर चले बड़े हमले के दौरान उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 12 क्षेत्रों के अलावा रूस के कब्जे वाले क्रीमिया, काला सागर और आज़ोव सागर के ऊपर कुल 660 यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया। रूस के मुताबिक यह हाल के वर्षों के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक है।
हालांकि यूक्रेन ने इस हमले के बाद रूस के कई अहम ठिकानों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि जिन स्थानों को निशाना बनाया गया, उनका संबंध तेल भंडारण और रासायनिक उत्पादन से है। इन ठिकानों का उपयोग ऊर्जा आपूर्ति और सैन्य जरूरतों के लिए भी किया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन पिछले कई महीनों से लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन के जरिए रूस के भीतर मौजूद ईंधन भंडार, ऊर्जा केंद्र और सैन्य आपूर्ति से जुड़े ठिकानों को लगातार निशाना बना रहा है। इसका उद्देश्य रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करना और उसकी सैन्य आपूर्ति को प्रभावित करना है।
पश्चिमी देशों के कई सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हमलों का असर रूस की ईंधन आपूर्ति और सैन्य रसद पर पड़ा है। इससे युद्ध के मोर्चे पर रूसी सेना की गति प्रभावित हुई है और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बढ़ा है।
फिलहाल दोनों देशों के बीच संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा है। लगातार हो रहे ड्रोन हमलों और जवाबी कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में यह युद्ध किस दिशा में आगे बढ़ता है।