नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक कर दिए गए हैं। इन सभी शहीदों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की वेबसाइट के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में शामिल किए गए हैं। साथ ही नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की त्रि-आयामी दीवार पर वर्ष 2025 के खंड में भी उनके नाम अंकित कर दिए गए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी संगठनों के नौ ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की थी। सरकार के अनुसार इस अभियान में बड़ी संख्या में आतंकियों को मार गिराया गया था। इसके बाद 10 मई को दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों के बीच बातचीत हुई और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी।
कई सैन्य ठिकानों पर हुई थी कार्रवाई
ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया था। बाद में जारी उपग्रह तस्वीरों में कई एयरबेस पर हुए नुकसान की पुष्टि हुई थी। सेना ने बताया था कि कार्रवाई पूरी योजना और सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी। इसमें आतंकी प्रशिक्षण केंद्र और लॉन्च पैड मुख्य लक्ष्य थे।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर मिला सम्मान
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन वर्ष 2019 में इंडिया गेट के पास किया गया था। यहां स्वतंत्रता के बाद देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए सैनिकों के नाम दर्ज किए जाते हैं। किसी भी सैन्य अभियान में शहीद हुए जवानों का नाम यहां दर्ज होना देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मानों में माना जाता है।
ऑपरेशन सिंदूर के छह शहीदों के नाम जुड़ने के साथ ही यह अभियान भी उन महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्हें राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर आधिकारिक सम्मान दिया गया है। यह कदम देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक माना जा रहा है।