bhopal farmer protest update: मध्य प्रदेश में मूंग की फसल की सरकारी खरीद की मांग को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन अब काफी तेज हो गया है। प्रदेश के 19 किसान संगठनों के बैनर तले हजारों किसान अपनी गाड़ियों के साथ राजधानी भोपाल पहुंच चुके हैं। किसानों के इस बड़े जमावड़े के कारण भोपाल से नागपुर जाने वाले रास्ते पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं।
वीर सावरकर सेतु पर इकट्ठा हुए किसानों ने सड़क पर ही अपना डेरा जमा लिया है। किसानों ने सड़क किनारे ही उपले जलाकर दाल-बाटी बनाना शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने नेताओं और मंत्रियों को भी अपने साथ खाना खाने का न्योता दिया है।

ट्रैक्टर-ट्रॉली ही बन गया नया आशियाना
प्रदर्शन में शामिल किसान अपने साथ खाने-पीने और रहने का पूरा इंतजाम लेकर आए हैं। उन्होंने अपनी ट्रॉलियों में ही गद्दे और बिस्तर लगा लिए हैं। उनका कहना है कि जहां रात होगी, वे वहीं सो जाएंगे, लेकिन बिना हक लिए वापस नहीं लौटेंगे।
कृषि मंत्री से हुई बातचीत
मामले को बढ़ता देख राज्य के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने किसान नेताओं के साथ मंत्रालय में एक अहम बैठक की। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को ध्यान से सुना गया है और जल्द ही इसका रास्ता निकाला जाएगा।
खरीद की सीमा बढ़ाने की मांग
दरअसल किसान 100 प्रतिशत फसल की सरकारी रेट पर खरीद की मांग कर रहे हैं। वर्तमान नियमों के तहत प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलो मूंग ही खरीदी जा रही है, जबकि खेत में 4 से 5 क्विंटल तक पैदावार होती है। बाकी बची फसल को व्यापारियों को कम दाम में बेचना पड़ता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।