रामपुर। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को तगड़ा झटका दिया है। दो पैन कार्ड रखने के चर्चित मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सात-सात साल की जेल की सजा को चुनौती देने वाली उनकी अपीलों को कोर्ट ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि दोनों दोषियों की सजा बरकरार रहेगी और उन्हें फिलहाल कोई राहत नहीं मिलेगी। इस कानूनी लड़ाई में अभियोजन पक्ष ने जहां सजा बढ़ाने की मांग की थी, वहीं बचाव पक्ष ने इसे रद्द करने की गुहार लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने सात साल के कारावास और पचास-पचास हजार रुपये के जुर्माने को ही उचित माना।
दो पैन कार्ड केस: रामपुर कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला की सजा के खिलाफ अपीलें कीं खारिज
यह पूरा विवाद साल 2019 में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत से शुरू हुआ था, जिसमें अब्दुल्ला आजम पर अलग-अलग जन्मतिथि वाले दो फर्जी पैन कार्ड रखने का संगीन आरोप लगाया गया था। जांच के दौरान साजिश में आजम खान की संलिप्तता पाए जाने पर उन्हें भी मुख्य आरोपी बनाया गया। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को दोनों को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया था। हालांकि राज्य सरकार की ओर से सजा बढ़ाने की मांग वाली रिवीजन याचिका पर हाईकोर्ट के निर्देशानुसार अभी आगे की प्रक्रिया जारी रह सकती है, लेकिन मौजूदा फैसले ने खान परिवार की जेल से बाहर आने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
