रायपुर। भारी मात्रा में मादक पदार्थ गांजा की तस्करी के मामले में रायपुर के विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने तीन आरोपियों को 20-20 वर्ष की कठोर कारावास और प्रत्येक पर दो-दो लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में छह-छह माह की अतिरिक्त कठोर सजा भुगतनी होगी। वहीं एक आरोपी को दोषमुक्त किया गया है, जबकि दो अन्य को फरार घोषित कर उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। मामला कबीरनगर थाना क्षेत्र से संबंधित है।
इस प्रकरण की अंतिम सुनवाई 2 जनवरी को विशेष न्यायाधीश किरण थवाइत की अदालत में पूरी हुई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक भुवनलाल साहू ने बताया कि 29 मई 2024 को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बीएसयूपी कॉलोनी, जरवाय के पास से दो मुख्य आरोपी अजरूद्दीन कुरैशी और अजय गौर को कार सहित गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान वाहन से कुल 60.468 किलोग्राम मादक पदार्थ गांजा बरामद किया गया।
पुलिस ने इस मामले में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। लगभग एक वर्ष तक रिमांड जेल में रहने के बाद सभी आरोपी जमानत पर रिहा हुए। सुनवाई के दौरान दो आरोपी सूरज वर्मा और पृथ्वी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।
अदालत में पुलिस द्वारा घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और आरोपियों के बयान प्रस्तुत किए गए। अभियोजन ने गंभीर अपराध मानते हुए अधिकतम सजा देने का आग्रह किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अजरूद्दीन कुरैशी, अजय गौर और कन्हैया सिंह को दोषी ठहराते हुए 20-20 वर्ष की कठोर कारावास और दो-दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साक्ष्य के अभाव में रूपेंद्र सिंह चौहान को दोषमुक्त किया गया, जबकि फरार आरोपियों सूरज वर्मा और पृथ्वी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है।