रायपुर नगर निगम के जोन नौ में जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ का बड़ा मामला सामने आया है जहां निजी ठेकेदार द्वारा टैंकरों के जरिए गंदे पानी की सप्लाई की जा रही थी। इस गंभीर लापरवाही की खबर मिलते ही निगम प्रशासन एक्शन मोड में आ गया और संबंधित ठेकेदार पर भारी जुर्माना ठोक दिया गया। पार्षद की शिकायत के बाद हरकत में आए अमले ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला कि सत्रह अप्रैल को हुए नए अनुबंध के तहत पुराने और बिना साफ किए गए टैंकरों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
कमिश्नर की दो टूक और अनुबंध रद्द करने की चेतावनी
जोन कमिश्नर ने इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ठेकेदार ने सफाई में टैंकर के नया होने और उसकी धुलाई न होने का तर्क दिया था जिसे खारिज करते हुए निगम ने आर्थिक दंड लगाया है। सभी टैंकर संचालकों और ठेकेदारों की आपात बैठक बुलाकर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं कि पानी की सप्लाई से पहले उसकी शुद्धता की जांच अनिवार्य रूप से की जाए।
सेहत से खिलवाड़ पर अब सीधे निरस्त होगा लाइसेंस
निगम प्रशासन ने सभी जोन क्षेत्रों में टैंकरों की निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है ताकि भीषण गर्मी के इस दौर में नागरिकों को स्वच्छ जल मिल सके। कमिश्नर ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि दोबारा गंदे पानी की शिकायत मिली तो जुर्माना लगाने के बजाय सीधे अनुबंध निरस्त कर दिया जाएगा। फिलहाल वार्ड में टैंकरों को बदलकर साफ पानी की आपूर्ति बहाल कर दी गई है और अधिकारियों को नियमित सैंपलिंग करने के आदेश दिए गए हैं।
