गुड़ खायें, गुलगुले से परहेज करें

गुड़ खाए और गुलगुले से परहेज़ करें—भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का ताज़ा खेल यही कहावत दोहराता दिख रहा है। नेताओं की जुबान पर जंग, खिलाडिय़ों की हरकतों में...

Continue reading

हंसा कर ले किलोल, जाने कभेरे मर जाने

दिनेश चौधरीथियेटर करने वाले लोग थोड़े जुनूनी किस्म के होते हैं, पर अरुण पाण्डेय कुछ ज्यादा ही थे। इसे साधने के फेर में खुद को निचोड़ डाला। सिर्फ नाटक ही करना ...

Continue reading

सांसद ज्योत्सना महन्त ने की महामाया मंदिर में पुजा… गौतम परिवार के श्रीमद् भागवत कथा भंडारा में हुई शामिल

Continue reading

शर्म करो… क्यों एक लेखक के पीछे पड़े हो?

ध्रुव शुक्लहिन्दी के प्रतिष्ठित कवि-कथाकार श्री विनोद कुमार शुक्ल को उनके उपन्यास -----' ...

Continue reading

नवरात्रि गरबा में चढ़ा हिंदू-मुस्लिम रंग

-सुभाष मिश्रनवरात्रि के आगमन पर गरबा की थापें फिर चौक-चौराहों में गूंजने लगती है। यह पर्व न केवल मां दुर्गा की ...

Continue reading

पारदर्शिता लाने कॉपीराइट कानून में प्रावधान हो

विनोदकुमार शुक्ल को हिन्दयुग्म प्रकाशन द्वारा दी गयी 30 लाख रुपए की रॉयल्टी को लेकर सोशल मीडिया पर हुई बहस में लेखक-प्रकाशक संबंधों को लेकर गहराई से बात नहीं ...

Continue reading

हिन्दी के लेखकों को प्रकाशकों से हिसाब मांगना चाहिए

सुभाष मिश्र( विनोद कुमार शुक्ल और 30 लाख की रायल्टी प्रसंग)

Continue reading

प्रकाशक शेर, लेखक शिकार

-सुभाष मिश्ररायपुर में आयोजित हिन्द युग्म उत्सव में प्रख्यात कवि-कथाकार विनोद कुमार शुक्ल को उनकी चार पुस्तकों की रॉयल्टी के रूप में तीस लाख की रकम का चेक भें...

Continue reading

साहित्य के ज़रिए राजनीतिक जमीन तलाशने का अजब ग़ज़ब संयोग

श्रीकांत वर्मा अपनी मगध सीरिज़ की कविताओं में लाख कहते रहे हों कि कोसल में विचारों की कमी है किंतु विचारवान कहे जाने वाले लोगों के पास लाभ के विचारों को प्राप...

Continue reading

व्यक्ति मरता है, विचार नहीं

इतिहास साक्षी है कि प्रतिरोध की आवाज उठाने वाले, नई सोच और सिद्धांत प्रतिपादित करने वालों को तत्कालीन सत्ता या प्रभावशाली वर्ग अक्सर असहमति के कारण डराने-धमका...

Continue reading