पुलिस व्यवस्था का इतिहास उठाकर देखें तो मुखबिर इसकी रीढ़ माने जाते रहे हैं। अपराध और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस के लिए मुखबिर आंख और कान की तरह होते थ...
पुढच्या वर्षी लवकर या यानी अगले वर्ष जल्दी आना—गणेश विसर्जन के अवसर पर गूंजने वाला यह नारा अब केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश में अपनी पहचान...