नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के बीच बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया। साथ ही OSM सर्विस से जुड़े टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है।

CBSE Board Result 2026 के बाद शुरू हुए इस विवाद ने अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना लिया है। छात्रों और अभिभावकों की ओर से मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। इसी बीच सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है।
इस पूरे मामले में एक दिलचस्प घटनाक्रम तब सामने आया जब 12वीं कक्षा के छात्र सार्थक सिद्धांत ने OSM प्रणाली में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। मंगलवार को वह संसद की स्थायी समिति के समक्ष अपनी बात रखने पहुंचे। जानकारी के अनुसार, यह पहला अवसर माना जा रहा है जब किसी शिक्षा संबंधी मामले में एक छात्र को सीधे समिति के सामने अपनी बात रखने का अवसर मिला।
उधर, CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर भी साइबर अटैक की कोशिश की गई। बोर्ड के अनुसार, पोर्टल शुरू होने के बाद महज दो मिनट में करीब 15 लाख एक्सेस अटेंप्ट दर्ज किए गए। वहीं एक लाख से अधिक बार सिस्टम की फाइलों तक अनधिकृत पहुंच बनाने की कोशिश की गई।
हालांकि CBSE का दावा है कि साइबर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के कारण पोर्टल प्रभावित नहीं हुआ। दोपहर 3 बजे तक 16 हजार से ज्यादा छात्रों ने सफलतापूर्वक री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर दिया था।
गौरतलब है कि 13 मई को CBSE ने कक्षा 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। इस बार पहली बार कॉपियों का मूल्यांकन On Screen Marking System के जरिए किया गया था। रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्रों ने अंकों में गड़बड़ी और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं।
अब OSM जांच समिति की रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद CBSE Evaluation System और परीक्षा प्रक्रिया में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।